अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में छात्राओं को पुस्तकालय में प्रवेश से रोकने के मामले में हाईकोर्ट ने कड़ा संज्ञान लिया है। कोर्ट ने कहा कि लाइब्रेरी में लैंगिक आधार पर छात्राओं को रोकना असंवैधानिक है।
विधि छात्रा दीक्षा द्विवेदी और अन्य द्वारा दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई कर रही मुख्य न्यायाधीश डॉ. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल की खंडपीठ ने टिप्पणी की है कि विश्वविद्यालय ऐसा कोई नियम नहीं बना सकता है जो लिंग के आधार पर भेदभाव करता हो।
मामले में हाईकोर्ट ने कुलपति और रजिस्ट्रार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। उनसे दो सप्ताह में स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है। याचिका पर 24 नवंबर को अगली सुनवाई होगी।