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हिमाचल चुनाव: अब 45 दिन चलेगा आंकड़ों का खेल

Tue, 06 Nov 2012 07:59 AM IST
शिमला/ब्यूरो/इंटरनेट डेस्क
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हिमाचल विधानसभा चुनाव के लिए हाई टर्नआउट के बाद अगले 45 दिन तक आंकड़ों का खेल चलता रहेगा। सभी दलों के दिग्गज नेताओं से लेकर प्रत्याशी और उनके समर्थक इस खेल में अपने हिसाब से बिसात बिछाने में लगे हैं। कौन कहां से जीत रहा है, कौन हार रहा है? किसको पक्ष में किया जा सकता है और इसके लिए क्या करना जरूरी होगा? इस सब पर विचार ही नहीं, बल्कि एक्शन भी होगा।
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चुनाव आयोग ने मतों का परिणाम निकालने के लिए इतना लंबा समय दे दिया है कि हिमाचली आगामी डेढ़ माह तक आंकड़ों की क्रीड़ा में ही गुजरेंगे। जानकारों की मानें तो एंटी इनकमबेंसी फैक्टर से आश्वस्त कांग्रेस के कुछ नेता जिताऊ निर्दलीय या तीसरे मोर्चे के प्रत्याशियों से भी संपर्क साधने की तैयारी में हैं।

मिशन रिपीट की आस बरकरार रखे भाजपा भी अपनों की टीम में इजाफा करने के लिए कोशिश करेगी। इसीलिए मंथन चल रहा है कि जीत या हार किसकी हो रही है? इस बार ऐसे प्रत्याशियों की फौज भी काफी लंबी है। कांग्रेस-भाजपा से बाहर कई चेहरे जीतने वाले हो सकते हैं।
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कांग्रेस या भाजपा में से किसी भी दल को पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने के लिए कम से कम 35 विधायक जरूरी होंगे। जिस दल ने इस जादुई आंकड़े को पार किया, वही सत्तासीन होगा। इसलिए यह तिलिस्मी आंकड़ा तमाम परिस्थितियों में खड़ा करने की कोशिश दोनों ही दलों की ही रहेगी। किसी को पूर्ण बहुमत मिला, तो बात अलग।

तीसरे मोर्चे और निर्दलीयों में भी यह उम्मीद बंधी है कि चार-पांच से ज्यादा की संख्या में जीतने पर सत्ता का सिंहासन उनके इशारों से ही काबिज होगा। ये भी अपने समीकरणों का गुणा-भाग कर रहे हैं। बहरहाल, मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह दोनों ने ही कहा है कि दोनों पूर्ण बहुमत से सत्ता में आ रहे हैं।

सबके दावे, हम बनाएंगे सरकार
विधानसभा चुनाव में रिकार्ड मतदान के बाद दावों-प्रतिदावों का दौर शुरू हो गया है। भाजपा और कांग्रेस अपनी सरकार बनने के प्रति आश्वस्त हैं तो हिलोपा-माकपा का कहना है कि तीसरे मोर्चे के बिना सरकार नहीं बनेगी। कांग्रेस और भाजपा 45-45 सीट मिलने का अनुमान लगा रहे हैं।

ईवीएम में लॉक जनादेश को लेकर प्रदेश भर में बहस और चर्चाओं का दौर जारी है। आम आदमी से लेकर ब्यूरोक्रेसी और सियासतदां तक गुणा भाग में जुटे हैं। यद्यपि, किसकी सरकार बनेगी? इस सच से पर्दा 20 दिसंबर को उठेगा। 
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