भाजपा के वरिष्ठ नेता महेश जेठमलानी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी से इस्तीफा देने संबंधी पत्र के मीडिया में लीक होने से भाजपा नाराज है। पार्टी ने जेठमलानी द्वारा अध्यक्ष नितिन गडकरी की आलोचना किए जाने पर भी नाखुशी जाहिर की है। साथ ही कहा है कि इस तरह की गतिविधियों से पार्टी को नुकसान होता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए इस पर रोक लगाने की जरूरत है।
जेठमलानी का पत्र गडकरी अथवा अन्य वरिष्ठ पार्टी नेता तक पहुंचने से पहले मीडिया के हाथ लग जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पार्टी प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि मैंने पत्र नहीं देखा है और मुझे उसके विषय वस्तु की जानकारी नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा सदस्यों के मामले में सबसे बड़ी पार्टी है और अगर हर सदस्य इस तरह के पत्र मीडिया को देने लगा तो इससे पार्टी को क्षति पहुंचेगी। यह पार्टी के हित में नहीं है।
उन्होंने कहा कि बेहतर यह होता कि जेठमलानी इस पत्र को सिर्फ गडकरी को सौंपते। रूडी ने गडकरी का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने किसी भी तरह की जांच के लिए खुद को प्रस्तुत कर दिया है। उनके खिलाफ जांच कांग्रेस सरकार करा रही है, जो हमारी विरोधी है।
गडकरी के बयान पर हमलावर हुई कांग्रेस
भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कथित तौर पर स्वामी विवेकानंद की तुलना दाऊद इब्राहिम से करके कांग्रेस को सियासी तीर दागने का सुनहरा मौका दे दिया है। कांग्रेस ने भी इस मौके को तत्काल लपक लिया है। सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा है कि इस बयान से भाजपा की सभ्यता और मानसिकता का पर्दाफाश हो गया है। साथ ही उन्होंने गडकरी से पूछा है कि आखिर वह देश के एक महापुरुष की तुलना एक गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्ति से कैसे कर सकते हैं।
उधर, कांग्रेस प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने कहा है कि गडकरी के बयान से पता लगता है कि उनके दिल में अंडरवर्ल्ड डॉन वास करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा अध्यक्ष का यह बयान बेहद शर्मनाक है और उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस नेता जगदंबिका पाल ने कहा कि अगर कल कोई व्यक्ति नितिन गडकरी के आईक्यू की तुलना अजमल कसाब से करे तो फिर भाजपा क्या कहेगी।
सवालों से बचकर निकल गए गडकरी
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी विवादित बयान के ऐन बाद कुटबी में किसानों के बीच पहुंचे। किसानों को उम्मीद थी कि गडकरी खेती-किसानी की बात अधिक करेंगे। गडकरी के भाषण में एथेनॉल छाया रहा। राजनाथ सिंह की किसान छवि और भाषण में अपनापन सुन अभिभूत हुए किसानों की कसौटी पर गडकरी खरे उतरते नहीं दिखे। भाषण खत्म हुआ, मंच से उतरे, मीडिया ने घेर लिया, लेकिन हुजूर बचकर निकल लिए।