आतंकी संगठन अल कायदा ने भारतीय उपमहाद्वीप की क्षेत्रीय शाखा का प्रमुख एक भारतीय मुसलमान को ही नियुक्त किया है। इस बात की पुष्टि की है पाकिस्तानी टीवी चैनल के पत्रकार हामिद मीर ने।
इंडियन एक्सप्रेस के 'आइडिया एक्सचेंज' कार्यक्रम के दौरान हामिद मीर ने दावा किया कि वे अल कायदा की भारतीय शाखा के प्रमुख से दो बार मुलाकात कर चुके हैं और यह भारतीय ही है।
गौरतलब है कि अल कायदा प्रमुख अल जवाहिरी ने करीब डेढ़ महीने पहले चार सितंबर को एक वीडियो जारी कर भारतीय उपमहाद्वीप में अल कायदा की शाखा खोलने की बात कही थी।
ऐसे में पत्रकार हामिद मीर का दावा अब भारत में अल कायदा के पांव पसारने की कोशिश के सबूत के तौर पर देखा जा रहा है।
इतना की नहीं हामिद मीर का दावा इस बात की भी पुष्टि करता है कि भारत में अल कायदा की गतिविधियां पिछले दस सालों से चल रही हैं।
क्योंकि हामिद मीर ने कहा है कि वह अल कायदा के भारतीय प्रमुख से पहली बार 2005 में और दूसरी बार 2007 में अफगानिस्तान में मिले थे।
टैक्सी ड्राइवर ही था आसिम उमर का दूत
'आइडिया एक्सचेंज' कार्यक्रम में पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीर ने बताया कि भारतीय मूल के आसिम उमर से मुलाकात उस वक्त हुई जब वह अफगानिस्तान में अंधार इलाके में एक कवरेज के लिए गए थे।
मीर के अनुसार जब वह तालिबान कब्जे वाले अंधार में स्थित महमूद गजनी के मकबरे को देख रहे थे कि तभी टैक्सी ड्राइवर के रूप में एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और पूछा कि क्या वह जियो टीवी से हैं? मीर के हां कहने पर टैक्सी ड्राइवर ने कहा कि उनसे आमिर साहब मिलना चाहते हैं।
इस पर हामिद मीर ने पूछा कि आमिर साहब कौन हैं? तो जवाब मिला कि वह डरें नहीं उन्हें एक खबर बतानी है। मीर ने पूछा कैसी खबर तो जवाब मिला कि ऐसी खबर जो इससे पहले किसी को पता नहीं चली होगी।
इसके बाद वह टैक्सी ड्राइवर के साथ गए और कुछ लोगों से मुलाकात की तो उन्होंने अमेरिकी दूतावास पर हमले का लाइव कवरेज करने के लिए कहा जिसे हामिद मीर ने समय कम होने का बहाना कर मना कर दिया।
हामिद मीर के मना करने पर उन लोगों ने आसिम उमर से मिलाया जो भारतीय मुसलमान है और संगठन में दक्षिण एशिया का प्रमुख है।
उर्दू में बात करता है आसिम उमर
पत्रकार हामिद मीर ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया तालिबान लोगों के समूह ने आसिम उमर से मिलवाया।
उनके अनुसार मिलवाने वालों ने उनसे पहले ही बता दिया कि आसिम उमर उर्दू में बात करता है जिससे आप बात कर सकते हैं। मीर ने बताया कि जब वह उमर से मिले तो वह उर्दू में बात किया।
इतना ही नहीं आसिम उमर ने हामिद मीर को खुद की लिखी एक उर्दू की किताब भी दी जिसमें एक संदेश के जरिए हामिद साहब को बहुत ही सम्मान जनक शब्दों से संबोधित किया गया था।
पत्रकार मीर ने बताया कि वह आसिम मीर को शक्ल से अनपढ़ समझा था लेकिन उनकी शिक्षा का स्तर देख चौंक गए।
भारत में अल कायदा की शाखा के प्रमुख के लिए जो योग्यता जरूरी है वह आसिम उमर के पास है और शायद इसीलिए अल कायदा ने उन्हें संगठन के साउथ एशिया का प्रमुख बनाया है।