उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री अवधेश प्रसाद की निगाह में विकलांग परिवार और समाज के लिए बोझ हैं। वह बुधवार को जिले में समाजवादी पेंशन परिचय पत्र वितरण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
समारोह में मंच से उन्होंने सरकार की उपलब्धियां गिनानी शुरू की। इस बीच वह विकलांगों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं को गिनाने लगे। फिर बोले कि विकलांग परिवार और समाज के लिए बोझ बने हैं। यह सुनते ही वहां मौजूद अधिकारी एवं कर्मचारी बगले झांकने लगे। तभी मंच पर मौजूद एक अधिकारी ने इशारा किया। मंत्री को भी अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने लगे हाथ सफाई भी दे डाली। कहा कि उनके कहने का मतलब है कि विकलांगों को कोई भार न समझे, इसलिए उनकी सरकार ने नाबालिग विकलांग के परिजनों को समाजवादी पेंशन से लाभान्वित करने का निर्णय लिया है।
मंत्री के इस बयान की जानकारी मिलते ही राष्ट्रीय विकलांग संघ के अध्यक्ष और सपा सरकार के पूर्व शिक्षा मंत्री अमरजीत सिंह जनसेवक ने विरोध शुरू कर दिया। साफ कहा कि विकलांगों के बारे में ऐसी बात करने वाले अच्छे इंसान नहीं हो सकते हैं। जनसेवक ने भी मंत्री के बयान पर उसी अंदाज में जवाब दिया। कहा कि विकलांगों को समाज का भार कहने वाले खुद मानसिक विकलांग हैं।