उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष गंगवार से मिलना नहीं चाहते। गंगवार ने मुख्यमंत्री से मिलने के लिए पत्र लिख कर दो बार समय मांगा, मगर उन्हें निराशा हाथ लगी।
गंगवार ने जब इसका खुलासा लोकसभा में किया तो सदन में जमकर हंगामा हुआ। हंगामे के बीच गंगवार ने कहा कि मुख्यमंत्री न तो मिलने का समय दे रहे हैं और न ही खुद ही मिलने आ रहे हैं। इस वजह से राज्य की हथकरघा बुनकरों की समस्या पर बातचीत नहीं हो पा रही है।
गंगवार के इस खुलासे का सपा ने विरोध किया, जबकि भाजपा सांसदों ने गंगवार का साथ देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार की उदासीनता की आलोचना की।
भाजपा-सपा सांसदों के बीच तीखी नोंकझोंक
इस मामले में लोकसभा में भाजपा और सपा सांसदों के बीच तब तीखी नोंकझोंक शुरू हुई, जब सपा के धर्मेंद्र यादव ने नई सरकार पर बुनकरों और हथकरघा क्षेत्र की समस्या के प्रति उदासीन रुख अपनाने का आरोप लगाया।
यादव ने कहा कि राज्य सरकार बुनकरों और इस उद्योग की भलाई के लिए बनारस, मऊ, मुबारकपुर में बिजली उपलब्ध करा कर महज 75 रुपये प्रतिमाह ही शुल्क ले रही है।
इस पर भाजपा सांसदों ने कहा कि जब राज्य में बिजली ही नहीं तो राज्य सरकार इन क्षेत्रों में बिजली कैसे उपलब्ध करा रही है।
अखिलेश ने नहीं दिया गंगवार के पत्र का जवाब!
इसके बाद जब गंगवार की बारी आई तो उन्होंने सपा और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। गंगवार ने कहा कि पद संभालने के बाद वह राज्य के मुख्यमंत्री से मिलने की लगातार कोशिश कर रहे हैं।
बुनकरों और इस उद्योग से जुड़ी समस्याओं के निदान पर बातचीत के लिए वे पत्र लिखकर मुख्यमंत्री से दो बार मिलने का समय मांग चुके हैं, मगर मुख्यमंत्री ने पत्र का जवाब तक नहीं दिया।
गंगवार ने कहा कि हालत यह है कि राज्य के मुख्यमंत्री न तो मिलने का समय दे रहे हैं और न ही खुद मिलने आ रहे हैं। इसके बाद सपा और भाजपा सदस्यों के बीच जम कर तू-तू मैं-मैं हुई।