उत्तर प्रदेश को विकास के मामले में गुजरात से कहीं आगे बताते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को दावा किया कि आगामी लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की नहीं बल्कि तीसरे मोर्चे की सरकार बनेगी।
अखिलेश ने कहा कि इसमें उनके दल समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव यानी नेताजी की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
उन्होंने मोदी की ओर से प्रचारित विकास के गुजरात मॉडल को झूठा करार देते हुए कहा कि वह इसके लिए गलत आंकड़े पेश कर रहे हैं।
देश को मोदी की जरूरत नहीं: अखिलेश
मोदी के गृह राज्य गुजरात की पाटन लोकसभा सीट पर सपा प्रत्याशी बाबू भाई रबारी के पक्ष में प्रचार के लिए आए यादव ने यहां हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा, ‘आरएसएस ने मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया है और भाजपा ने इसे स्वीकार कर लिया है। देश को मोदी की नहीं बल्कि एक धर्मनिरपेक्ष सरकार की जरूरत है।'
उन्होंने कहा, 'देश को सर्वाधिक 80 लोकसभा सांसद देने वाला उनका राज्य उत्तर प्रदेश हमेशा धर्मनिरपेक्ष लोगों को चुनता रहा है। मै देश की जनता को ऐसे लोगों से सावधान रहने की चेतावनी देता हूं।’
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सांप्रदायिक ताकतों को रोकेगी और यूपी की अधिकतर सीटों पर जीत हासिल करेगी।
अखिलेश ने भाजपा नेताओं को बताया चालू
अखिलेश ने दावा किया कि केंद्र में अगली सरकार तीसरे मोर्चे की बनेगी, जिसमें नेताजी यानी मुलायम सिंह यादव एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह पूछने पर कि, इस सरकार का नेतृत्व कौन करेगा, उन्होंने कहा कि इसे विभिन्न दल मिल कर तय करेंगे।
गुजरात की चर्चा करते हुए यादव ने कहा कि मोदी अमूल की बात करते हैं पर वह तो उत्तर प्रदेश की बाजार की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश ने सपा सरकार के शासन में पिछले दो सालों में काफी प्रगति की है। इतना विकास पहले की किसी भी सरकार ने नहीं किया। हम लड़कियों की शिक्षा और शादी में मदद कर रहे हैं, किसानों को मुफ्त पानी मुहैया कराया जा रहा है। हमने छात्रों को नि:शुल्क 15 लाख लैपटॉप बांटे हैं। गुजरात को इतने ही कार्य करने में पांच साल लग जाएंगे।
यादव ने भाजपा के नेताओं पर चालू होने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता पीआर कंपनियों की मदद से चुनावी माहौल में अपनी इमेज बढ़ा चढ़ा कर पेश कर रहे हैं। अपनी लोकप्रियता को बढ़ाने में एजेंसियों का बखूबी सहारा ले रहे हैं। लोगों को इन नेताओं से सावधान रहना चाहिए।