कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गरीब समर्थक और ‘धर्मनिरपेक्ष सरकार’ की वकालत की है। भाजपा पर परोक्ष हमला करते हुए उन्होंने कहा कि वह ऐसी सरकार नहीं चाहते जो हिंदुओं को मुस्लिमों से लड़ाए।
तमिलनाडु में रामनाथपुरम् की एक चुनावी रैली में राहुल ने कहा कि यह लोकसभा का चुनाव है। जिन स्थानीय दलों से तालमेल करने में कांग्रेस नाकाम रही वे केंद्र में सरकार नहीं बनाएंगे।
राहुल ने मतदाताओं से कहा, आपको केंद्र में एक गरीबों की समर्थक और धर्मनिरपेक्ष सरकार का गठन सुनिश्चित करना चाहिए। हमें ऐसी सरकार नहीं चाहिए, जो नफरत और गुस्सा को बढ़ावा देती हो
'कांग्रेस को समझौते की जरूरत नहीं'
राहुल गांधी ने कहा, 'हम ऐसी सरकार नहीं चाहते जो हिंदुओं को मुसलिमों से लड़ाए। देश को ऐसी सरकार की भी जरूरत नहीं है, जो एक राज्य के विचारों को दूसरे राज्यों पर लादे।'
राहुल ने कांग्रेस के उत्साही कार्यकर्ताओं से कहा कि उनके सामने कड़ी चुनौती है क्योंकि उनकी पार्टी अकेले चुनाव लड़ रही है।
उन्होंने कहा कि वह इस बात को लेकर खुश हैं कांग्रेस अपने दम पर चुनाव लड़ रही है। उसे समझौते की जरूरत नहीं है। यह देखना अच्छा लग रहा है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश है और वे कांग्रेस के बैनर तले लड़ने को तैयार हैं। अब कांग्रेस को आगे कोई समझौता नहीं करना होगा।
तमिलनाडु मॉडल को देखें मोदी: राहुल
गौरतलब है कि कांग्रेस की पुरानी सहयोगी डीएमके 2013 में यूपीए से निकल गई थी। गठबंधन से हटने के लिए उसने श्रीलंका में तमिलों का मुद्दा उठाया था। राहुल ने विश्वास जताया कि 24 अप्रैल को कांग्रेस काफी अच्छा प्रदर्शन करेगी।
मोदी पर हमला करते हुए राहुल ने कहा कि वह हमेशा गुजरात मॉडल की बात करते हैं। उन्हें आकर तमिलनाडु मॉडल को देखना चाहिए, जो बताता है कि दक्षिण भारत के इस राज्य ने गुजरात से कहीं अच्छा प्रदर्शन किया है। मुख्यमंत्री जे. जयललिता भी इसका दावा करती रही हैं।
राहुल ने कहा कि तमिलनाडु के लोगों ने यह दिखा दिया है कि यहां के लोग क्या कर सकते हैं।