हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन की धमकी के चलते ऑल जम्मू एंड कश्मीर पंचायत कांफ्रेंस ने केंद्र सरकार से पंचों और सरपंचों को सुरक्षा मुहैया कराने के मसले पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है। कांफ्रेंस के चेयरमैन शफीक मीर का कहना है कि सलाहुद्दीन का बयान उनके लिए डेथ वारंट है। साथ ही चेतावनी दी कि सुरक्षा मुहैया नहीं कराए जाने पर इस्तीफों की झड़ी लग सकती है।
सरपंचों और पंचों को 24 घंटे के अंदर सुरक्षा मुहैया कराने या नहीं कराने और हिजबुल की धमकी के बारे में भारत सरकार को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। वहीं दूसरी ओर दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री तथा जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि धमकियों का सामना कर रहे लोगों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है।
राज्य की मीडिया की खबरों के अनुसार, हिजबुल प्रमुख सलाहुद्दीन ने शुक्रवार को कहा था कि नई दिल्ली पंचों और सरपंचों को प्रोजेक्ट कश्मीर के तहत भारत के पक्ष में प्रचारित कर रही है। साथ ही हिजबुल प्रमुख ने इन पंचों और सरपंचों को निशाना बनाने की धमकी भी दी थी।
मीर ने कहा कि तीन सदस्यों की हत्या के बाद हम फिर से अपनी सुरक्षा की गुहार केंद्र से लगा रहे हैं क्योंकि राज्य सरकार हमें सुरक्षा देने में पूरी तरह से विफल रही है।