स्वास्थ्य मंत्रालय ने एम्स में सुपर स्पेशलियटी फैकल्टी के 148 पदों पर भर्तियों के मामले में रिजर्वेशन पॉलिसी लागू करने का मन बना लिया है।
मंत्रालय ने एम्स को इन पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू करने को कह दिया है। जबकि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में मंत्रालय की ओर से दायर पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई लंबित है। सुप्रीम कोर्ट ने इन पदों पर बहाली में कोटा नियमों को लागू करना नामंजूर कर दिया था।
मंत्रालय से एम्स को भेजी गई एक चिट्ठी में कहा गया है कि संस्थान असिस्टेंट प्रोफसेर और नर्सिंग लेक्चरार के पदों के लिए निकाले गए 148 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। हालांकि यह प्रक्रिया पुनरीक्षण याचिका पर फैसले से जुड़ी होगी।
इसमें कहा गया है कि मंत्रालय ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर की है। इसमें कोर्ट से 18 जुलाई के फैसले की समीक्षा करने को कहा गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशयिलिटी और सुपर स्पेशियलिटी कोर्सों के तहत निकाले जाने वाले पदों पर बहाली में रिजर्वेशन पॉलिसी लागू नहीं होगी होगी।
चीफ जस्टिस अल्तमस कबीर की पांच जजों की संवैधानिक बेंच ने कहा था कि वह इस मामले में 1992 के इंदिरा साहनी केस में नौ जजों की बेंच के उलट फैसला नहीं कर सकती। यह मामला मंडल केस के नाम से भी जाना जाता है।
बेंच ने कहा था कि सुपर स्पेशियलिटी स्टेज में मेरिट से कोई समझौता नहीं हो सकता। अल्तमस कबीर की बेंच के इस फैसले के बाद सरकार ने 14 अगस्त को पुनरीक्षण याचिका दायर की थी।
इसके तीन दिन बाद एक आपात आवेदन भी किया गया था।