हेलीकॉप्टर डील में घूस देने के आरोपों में फंसी अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी ने शुक्रवार को भारत सरकार के कारण बताओ नोटिस का जवाब भेज दिया है। जवाब में कंपनी ने कहा है कि वह किसी भी तरह के गलत काम में लिप्त नहीं है।
रक्षा मंत्रालय ने अगस्ता वेस्टलैंड को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा था कि आखिर क्यों आपके साथ अनुबंध को रद्द नहीं किया जाना चाहिए। मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि अगले कुछ दिनों में 3600 करोड़ रुपये की इस डील के भाग्य पर फैसला हो जाएगा।
सूत्रों ने कहा कि मंत्रालय इतालवी कंपनी के जवाब और इटली के मंत्रालय की एक सदस्यीय टीम द्वारा मुहैया कराए गए सुबूतों की जांच करेगा और अगले कुछ दिनों में इस डील के भविष्य पर निर्णय ले लिया जाएगा।
अगस्ता वेस्टलैंड के प्रवक्ता ने कहा, ‘हमने निर्धारित समय-सीमा में भारत सरकार के कारण बताओ नोटिस का जवाब भेज दिया है। भारतीय रक्षा मंत्रालय को बताया गया है कि कंपनी ने भारत की कानूनी जरूरतों का पूरी तरह से पालन किया है और इस डील में कुछ भी गलत शामिल नहीं है। हमने सभी नियमों का पालन किया है।’
अगस्ता वेस्टलैंड ने कहा है कि 3600 करोड़ रुपये की डील को कंपनी ने रक्षा खरीद प्रक्रिया के नियमों के आधार भारतीय वायुसेना द्वारा तकनीकी और फ्लाइट समीक्षा के बाद हासिल किया है।