वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों का सौदा रद्द होने का खतरा सामने देख कर ब्रिटिश कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड और उसकी प्रमुख इटली की कंपनी फिनमेकानिका के तेवर ढीले पड़े हैं। अगस्ता वेस्टलैंड ने शनिवार को बयान जारी कर कहा है कि वह भारत सरकार द्वारा मांगी गई सभी जानकारियां देने को तैयार है। वह तय समय सीमा का सम्मान करेगी और सात दिनों में जानकारी देगी।
उल्लेखनीय है कि रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को सौदे में भारतीयों को घूस दिए जाने के मामले में कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। सरकार ने कहा कि यदि हेलीकॉप्टरों का ऑर्डर पाने के लिए घूस दी गई तो क्यों न भ्रष्टाचार को देखते हुए सौदा रद्द कर दिया जाए?
कंपनी द्वारा जारी रिलीज में कहा गया है, ‘भारत ने अभी सौदा रद्द नहीं किया है और कुछ जानकारियां मांगी है। जो हम तय की गई सात दिनों की समय सीमा में दे देंगे।’ भारत में 3600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड-101 के 12 हेलीकॉप्टरों के सौदे में 362 करोड़ रुपये की घूस को लेकर हंगमा हो रहा है।
इटली की अदालत में चल रहे केस को लेकर कंपनी ने कहा कि वह कानून के साथ पूरा सहयोग कर रही है। यह चार अरब यूरो वार्षिक राजस्व वाली कंपनी है। भविष्य में इसके पास करीब 12 अरब यूरो की कीमत वाले 600 हेलीकॉप्टरों और 300 हेलीकॉप्टर किट की सप्लाई के ऑर्डर हैं। कंपनी ने रिलीज में हेलीकॉप्टर निर्माण के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता और अपने उत्पाद की श्रेष्ठता का गुणगान किया है।
त्यागी परिवार से हूं अनजान: ओरसी
फिनमेकानिका के पूर्व सीईओ गियूसेप्पे ओरसी ने कहा है कि वह पूर्व वायुसेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल एसपी त्यागी के परिवार से जान-पहचान की बात से इनकार किया है। त्यागी और उनके रिश्तेदारों पर सौदे में घूस लेने के आरोप लग रहे हैं। ऐसे में ओरसी का बयान उन्हें राहत दे सकता है।
इटली की न्यूज एजेंसी एनसा के अनुसार इटैलियन अदालत के मजिस्ट्रेट ने ओरसी से तीन सवाल पूछे थे, जिनका उन्होंने ‘नहीं’ में जवाब दिया। मजिस्ट्रेट ने जानना चाहा था कि क्या ओरसी ने स्विस-अमेरिकी बिचौलिये गुइडो हैश्के को ‘सौदे में किसी तरह की पैंतरेबाजी’ करने को कहा था, क्या वह त्यागी परिवार को जानते हैं और क्या उन्होंने भारत से हेलीकॉप्टरों की डील में कोई ‘अवैध हथकंडा’ अपनाया? ओरसी ने शुक्रवार को विधिवत रूप से फिनमेकानिका के चेयरमैन और डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था।
बिना ‘बड़े नेता’ के नहीं हो सकती डील: भाजपा
वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे में सरकार पर हमलावर रुख बरकरार रखते हुए मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने शनिवार को कहा कि किसी ‘बड़े नेता’ के समर्थन और सहायता के बगैर इतनी बड़ी डील नहीं हो सकती। पार्टी ने जानना चाहा कि आखिर इस घूसकांड के पीछे कौन ‘बड़ा नेता’ है।
पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इस मामले की देश में आंतरिक जांच कराना चाहिए। उन्होंने सरकार पर आरोप जड़ा कि वह मुद्दे को ढंकने का प्रयास कर रही है और जांच एजेंसियों को सौदे की जानकारियां नहीं दे रही। भाजपा के अनुसार सरकार संसद को भी इस मामले में अंधेरे में रखे हुए है।
जावड़ेकर ने यह भी जानना चाहा कि घूस लेने के दोषी पाए जाने वालों को सरकार क्या सजा देगी। अभी तक सरकार ने स्पष्ट नहीं किया है कि सौदे की जांच कौन करेगा, कब तक उसके नतीजे आएंगे।
दिल्ली पुलिस ने कभी नहीं की हेलीकॉप्टर खरीदने की बात
दिल्ली पुलिस ने शनिवार को साफ किया कि उसने अगस्ता वेस्टलैंड से कभी हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए बातचीत नहीं की। दिल्ली पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार ने कहा, ‘यह बात कभी हमारे दिमाग में ही नहीं आई।’ वे उन खबरों का जवाब दे रहे थे जिनमें ऐसे दस्तावेज सामने आने की बात कही गई थी, जिनमें दिल्ली पुलिस को अगस्ता वेस्टलैंड द्वारा हेलीकॉप्टर बेचने के इरादे जाहिर किए गए थे।
दस्तावेजों के मुताबिक एक कंपनी से अगस्ता वेस्टलैंड ने कहा था कि यदि वह उसके हेलीकॉप्टर दिल्ली पुलिस को बेचने में मदद दे तो उसे बड़ा कमीशन दिया जाएगा।