शादी के पंद्रह साल बाद गोद में नन्हा बाबू आया तो सुनीता को पता था कि ये खुशियां हमेशा के लिए नहीं हैं। एक महीने में सुनीता मानो इस सच्चाई को भुला बैठी। दो दिन पहले जब असली माता-पिता उसे लेने आए तो वह जुदाई का सदमा बर्दाश्त न कर सकी।
तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उसके पति सोनू ने कलेजे पर पत्थर रखकर बच्चा सौंपा तो एक माह से तड़पती मां ने उसे छाती से लगा लिया।
बता दें, टेढ़ी बगिया चौराहे पर मिष्ठान्न भंडार के पास गत 17 फरवरी की शाम को दो माह का बालक को कूड़े के ढेर के पास पड़ा पाया गया। पार्षद करमवीर सिंह की सूचना पर पुलिस आई तभी पास में रहने वाले सोनू भी पहुंचे। फर्नीचर कारीगर सोनू और सुनीता के शादी के 15 साल बाद भी कोई संतान नहीं है। पुलिस ने सोनू के आग्रह पर बच्चा उनके सुपुर्द की पर इस हिदायत के साथ कि जब उसके माता-पिता मिल जाएंगे तो उन्हें सौंपना होगा।