हाथरस में गैंगरेप पीड़िता की मौत के दूसरे के दिन सिकंदराराऊ सुलग उठा। आक्रोशित भीड़ ने शव को कोतवाली के सामने सड़क पर रख कर जाम लगा दिया।
आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग होने लगी, जब एक अधिकारी ने जबरन जाम खुलवाने की कोशिश की तो देखते ही देखते उपद्रव शुरू हो गया।
आक्रोशित लोगों ने जमकर पथराव कर कोतवाली के बाहर खड़े दर्जन भर से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया। एडीएम की गाड़ी तोड़ डाली और इसमें भी आग लगाने की कोशिश की।
भीड़ ने किया पथराव और आगजनी
भीड़ कोतवाली के अंदर घुस गयी और पथराव करते हुए पूरे स्टाफ को बाहर खदेड़ दिया। पूरे जीटी रोड पर उपद्रवियों का कब्जा हो गया। एक घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर तांडव होता रहा। दर्जनों खोखे आग के ढेर में बदल गए। कई वाहनों पर पथराव कर उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
कई अधिकारियों के साथ आम लोग भी इस पथराव में घायल हुए। भीड़ को बेकाबू होता देख पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया। ईंट-पत्थर फेंकने के बाद भी जब भीड़ तितर-बितर नहीं हुई तो पुलिस ने हवाई फायरिंग की।
आसपास के इलाके की फोर्स आने के पश्चात पुलिस कर्मियों ने उपद्रवियों को फायरिंग और लाठी चार्ज कर दूर तक खदेड़ा। उपद्रवियों और पुलिस के बीच काफी देर तक संघर्ष चला।
एसएसपी अलीगढ़ दो तीन सीओ के साथ मौके पर पहुंचे। शाम तक पूरे इलाके में तनाव रहा, इस दौरान पुलिस गश्त जारी है।
नवविवाहिता को अगवा कर हुआ था गैंगरेप
बता दें कि 11 जुलाई को एक विवाहिता को कुछ युवक उसकी ससुराल जसवंत नगर (इटावा) से अगवा कर लाये थे। आरोप है कि इन युवकों ने उसके साथ गैंगरेप किया।
बाद में सोमवार की सुबह उसने आत्मदाह कर लिया था। मंगलवार की सुबह जब पोस्टमॉर्टम के बाद शव उसके घर लाया गया तो वहां कोहराम मच गया।
मामला चूंकि दो समुदाय से जुड़ा हुआ था इसलिए कुछ लोगों का आरोप था कि पुलिस घटना को लेकर शिथिलता बरत रही है। इसी कारण मंगलवार दोपहर बाद तनाव अचानक बढ़ गया।