केंद्र सरकार जल्द ही नौ राज्यों में रिक्त पड़े राज्यपालों के पदों पर नई नियुक्तियां करेगी। इनमें से पांच राज्य कांग्रेस शासित हैं।
मौजूदा समय में एक राज्यपाल के पास चार जबकि पांच अन्य के पास कम से कम दो राज्यों का कार्यभार है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि कुछ राज्यपाल दो-तीन राज्यों का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे हैं।
ऐसे में नई नियुक्तियां की जानी हैं। सरकार इस संदर्भ में कुछ बुजुर्ग भाजपा नेताओं के नाम पर विचार कर रही है और इस पर फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 18 अप्रैल को विदेश दौरे से वापसी के बाद लिया जाएगा।
कांग्रेस शासित असम, हिमाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम और मणिपुर जबकि जदयू शासित बिहार, वामदल के शासन वाले त्रिपुरा और टीआरएस शासित तेलंगाना में पूर्णकालिक राज्यपाल नहीं हैं। इसके साथ ही अकाली-भाजपा शासित पंजाब और केंद्र शासित पुडुचेरी में भी राज्यपाल का पद खाली है।
नौ राज्यों में राज्यपाल के पद रिक्त हैं
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी के पास बिहार, मेघालय और मिजोरम का अतिरिक्त प्रभार है जबकि नगालैंड के राज्यपाल पद्मनाभ आचार्य के पास असम और त्रिपुरा का भी कार्यभार है।
हरियाणा के राज्यपाल कैप्टन सिंह सोलंकी के पास पंजाब और केंद्र शासित चंडीगढ़ का भी प्रभार है। राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल का भी कामकाज देख रहे हैं। उत्तराखंड के राज्यपाल केके पॉल के पास मणिपुर का भी प्रभार है।
संयुक्त आंध्र प्रदेश के राज्यपाल रहे ईएसएल नरसिम्हन मौजूदा समय में आंध्र प्रदेश और विभाजित होकर बने तेलंगाना का भी काम देख रहे हैं। अंडमान और निकोबार आईलैंड के लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर) अजय कुमार सिंह के पास पुडुचेरी का अतिरिक्त प्रभार है।
मई 2014 में सत्ता संभालने वाली मोदी सरकार अब तक 11 राज्यों में राज्यपालों की तैनाती कर चुकी है। इनमें उत्तर प्रदेश में राम नाईक, महाराष्ट्र में सी विद्यासागर राव, केरल में पी. सदाशिवम, कर्नाटक में वाजूभाई वाला, गुजरात में ओम प्रकाश कोहली, छत्तीसगढ़ में बलराम दास टंडन, गोवा में मृदुला सिन्हा, राजस्थान में कल्याण सिंह, पश्चिम बंगाल में केसरीनाथ त्रिपाठी, हरियाणा में कैप्टन सिंह सोलंकी और नगालैंड में पद्मनाभ आचार्य शामिल हैं।