उत्तर प्रदेश में गुटखे पर प्रतिबंध लगाने का फैसला एक अप्रैल, 2013 से लागू होगा। इससे पहले कई राज्यों ने पहले ही गुटखा पर प्रतिबंध लगा दिया है। भले ही गुटखे पर बैन लगा दिया गया हो, लेकिन सरकार के आदेश के बावजूद सार्वजनिक स्थानों पर गुटखा बेचने पर पाबंदी नहीं लग पाई है।
देश के 14 राज्यों में बैन
देश भर में चौदह राज्यों में गुटखे के सेवन, विक्रय पर प्रतिबंध है। इनमें गोवा, मध्य प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, झारखंड, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात, पंजाब, मिजोरम, बिहार, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान शामिल हैं। रोक के बावजूद लोगों को खुलेआम गुटखा खाते देखा जा सकता है। रेहड़ियां और खोखो पर गुटखा आज भी आसानी से उपलब्ध हो जाता हैं।
दामों में हो गया इजाफा
पहले और अब की तुलना में अंतर इतना है कि अब उनके दामों में इजाफा जरूर हो गया है। पाबंदी होने के बाद दुकानदारों ने इसकी आड़ में गुटखा के दाम दो गुना कर दिए हैं, ये सब आसानी से उपलब्ध हो जाता है। गुटखे पर प्रतिबंध से एक सवाल उठता है कि जब सिगरेट सेहत के लिए गुटखे से ज्यादा खतरनाक है तो क्या इस पर बैन नहीं लगाया जा सकता।
कानून में संशोधन करना होगा
जानकारों के मुताबिक गुटखा फूड एक्ट के तहत आता है जिस पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही प्रतिबंध लगा चुका है। लेकिन सिगरेट, बीड़ी, तंबाकू टोबेको प्रोडक्ट रेगुलेशन में आते हैं। इस पर प्रतिबंध के लिए सरकार को कानून में संशोधन करना होगा, तभी इस पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
सवाल ये उठता है कि अगर गुटखे पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है तो सिगरेट पर क्यों नहीं? आप इस बारे में क्या सोचते हैं? अपनी राय दें।