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खुलासा: आतंकियों को भारत में ही मिले थे एके-47 और ग्रेनेड लांचर

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पठानकोट एयरबेस पर हमला करने वाले आतंकियों को भारतीय सीमा के भीतर आने के बाद हथियार और हैंड ग्रेनेड मुहैया कराए गए थे। इस हमले के प्रत्येक पहलू की जांच कर रही नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को इसके ठोस संकेत मिल रहे हैं।
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यह आईएसआई नेटवर्क और ड्रक तस्करों की और गहरी साजिश की तरफ इशारा कर रहा है। आतंकियों के सीमा पार करने की जगह और साजिश में ड्रग तस्करों की संभावित भूमिका की पड़ताल में लगी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का भी मानना है कि आतंकवादियों ने इतने भारी वजन के असलहे और हथियार के साथ सीमा पार करने का जोखिम नहीं उठाया होगा।

अब तक की जांच के मुताबिक आतंकियों के पास चार एके-47, एक अंडर बैरल ग्रेनेड लांचर, 29 एके-47 मैग्जीन, तीन पिस्तौल और उसके सात मैग्जीन, 7.32 बोर की 559 गोलियां, पिस्तौल की 47 गोलियां, एक दूरबीन और एक वायरलेस सेट थे। इसके अलावा इनके पास 21 हैंड ग्रेनेड थे।
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सौ किलो के आसपास हथियारों का वजन

एजेंसी को यह भी शक है कि आतंकी सीमा पार करते समय आम कपड़े में थे और भारत में प्रवेश करने के बाद सेना की वर्दी पहनी थी। सूत्रों के मुताबिक इन हथियारों का वजन सौ किलो के आसपास होगा।

हालांकि, इस जांच की आधिकारिक तौर पर जानकारी देने वाले गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव सत्येंद्र गर्ग के मुताबिक एजेंसी को अब तक इस बात की पक्की जानकारी नहीं है कि आतंकवादी हथियार साथ लेकर आए थे या नहीं।

लेकिन सूत्रों ने बताया कि आतंकियों के पास जितने हथियार और गोला बारूद थे उसे इतनी दूर साथ लेकर सीमा पार करना संभव नहीं है।
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सभी पहलुओं की हो रही है सघन जांच

सूत्रों ने बताया कि सीमा पार से भीतर हथियार मुहैया कराने के लिए उसी ड्रग तस्कर के नेटवर्क का इस्तेमाल होने की आशंका है।

इन सभी पहलुओं की सघन जांच की जा रही है। उच्चपदस्थ सरकारी सूत्रों के मुताबिक सीमावर्ती इलाकों में तस्कर नेटवर्क और व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार का आईएसआई भरपूर इस्तेमाल करता है।

कई अन्य आतंकी हमलों में भी सीमा के भीतर हथियार मुहैया कराने की घटना हो चुकी है।
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