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पेप्सी राजधानी, कोक शताब्दी ऐसे हो सकते हैं ट्रेनों के नाम

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‘यात्री गण कृपया ध्यान दें। पेप्सी राजधानी एक्सप्रेस थोड़ी ही देर में पहुंचने वाली है। ’ या फिर ‘कोका कोला शताब्दी एक्सप्रेस प्लेटफार्म पर खड़ी है।’ रेलवे स्टेशनों पर इस तरह की उद्घोषणा यात्रियों को इस साल सुनाई पड़ सकती हैं। क्योंकि आने वाले दिनों में ट्रेनों के नाम मल्टीनेशनल कंपनियों के नाम पर होने जा रहे हैं।
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रेलवे की आय बढ़ाने के लिए ट्रेनों के नाम के आगे कंपनी के नाम रखने का सुझाव आया है। रेलवे महकमे में इसकी तैयारी शुरू हो गई है। रेल बजट में रेलमंत्री सुरेश प्रभु इसकी घोषणा कर सकते हैं। अनुमान है कि रेलवे को इस योजना से सालाना तकरीबन दस हजार करोड़ का लाभ हो सकता है।

अपने पहले रेल बजट में यात्री किराया बढ़ाने से मोदी सरकार की खासी किरकिरी हुई थी। इसी बात को ध्यान रखते हुए मोदी सरकार इस बार के रेल बजट में यात्री किराया ना बढ़ाकर उसकी भरपाई एडवरटाइजिंग से पूरा करना चाहती है।
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इस बारे में रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिकल सर्विसेज (राइटस) को रेलवे ने जिम्मेदारी सौंपी थी कि कामर्शियल से रेलवे कितनी कमाई कर सकता है। इस पर काम करने के बाद राइटस ने रेलवे को कामर्शिलय एडवरटाइजिंग पर जोर देने को कहा है। कहा गया है कि इससे रेलवे को सालाना दस हजार करोड़ का लाभ हो सकता है।
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विज्ञापन के जरिए रेल की कमाई करने की तैयारी

सुझाव दिया है कि ट्रेनों के नाम के आगे कंपनी का नाम जोड़ा जाए। मसलन पेप्सी राजधानी, कोकाकोला शताब्दी आदि। राइटस ने रेलवे के पुलों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भी विज्ञापन लगाने का सुझाव दिया है। कहा गया है कि रेलवे स्टेशनों के नाम के आगे भी कंपनियों के नाम जोड़े जा सकते हैं।

बताया जा रहा है कि राइटस के इस सुझाव पर रेलवे ने अमल किया तो स्टेशनों के नाम के आगे भी कंपनियों के नाम जुड़ जाएंगे। मसलन नई दिल्ली को ‘अमूल नई दिल्ली’ या चेन्नई को ‘मैकडोनाल्ड चेन्नई’ या किसी अन्य कंपनी के नाम से जाना जा सकता है।

एडवरटाइजिंग रेलवे के एसी कोच में मिलने वाले बेडरोल, पर्दों पर भी की जा सकती है। बता दें कि उत्तर मध्य रेलवे इस स्कीम पर पहले काम कर चुका है। पांच साल पहले यहां इलाहाबाद से नई दिल्ली जाने वाली प्रयागराज एक्सप्रेस के सभी कोचों में एक ‘आइडिया’ कंपनी ने एडवरटाइजिंग की थी। तब रेलवे को इससे काफी आय भी हुई थी।

‘बोर्ड स्तर पर अभी तैयारी चल रही है। बोर्ड की जो भी पॉलिसी होगी, उस पर जोनल रेलवे पूरी तरह से अमल करेगा। पूर्व में एनसीआर के इलाहाबाद डिवीजन ने प्रयागराज एक्सप्रेस में एडवरटाइजिंग की थी।’ बिजय कुमार (सीपीआरओ, एनसीआर)
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