गंगा की निर्मल व अविरल धारा के लिए मैदान में कूदी भाजपा नेता उमा भारती ने तारीफों के पुल बांध कर वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को लगभग रुला ही दिया। उमा ने आडवाणी की तुलना गंगा की निर्मल व अविरल धारा से की और समग्र गंगा अभियान का प्रेरक भी बताया।
खास बात यह है कि कभी आडवाणी से खुली बैठक में नाराज होकर ही उमा ने भाजपा छोड़ी थी लेकिन सोमवार को दिल्ली के कांस्टिट्यूशन क्लब में समग्र गंगा अभियान के पहले चरण के समापन के बाद आयोजित समारोह में मंच पर विराजमान आडवाणी अपनी तारीफ सुनकर भावुक हो गये। वे कई बार आंखें पोंछते देखे गये। बाद में उन्होंने माना कि वे भावुक हो गये थे। उन्होंने कहा कि अपनी तारीफ सुनकर वे भावुक हो जाते हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष का महिला वर्ष के तौर पर मनाया जाना चाहिए।
इससे पहले उमा भारती के कहा कि कहा कि भारतीय राजनीति में आडवाणी जी का जीवन भी गंगा की तरह निर्मल व अविरल है। उन्होंने कहा कि जब वे भाजपा में नहीं थीं, तब गंगा को लेकर गंगोत्री में आयोजित समारोह में स्वामी चिदानंद उन्हें आडवाणी जी के साथ मंच पर ले गये थे। वास्तव में उसी दिन इस अभियान की नींव पड़ गई थी। उमा ने कहा कि इस अभियान को लेकर जब भी उन्होंने आडवाणी से मदद के लिए कहा तो निराश नहीं होना पड़ा। इसके अलावा मंच संचालक ने भी आडवाणी की तारीफों के पुल बांधे।