गूगल इंडिया पर सेक्स सबसे ज्यादा सर्च किया जाने वाला शब्द है। इसका असर बाजार पर भी दिखता है। एक समय पश्चिमी देशों तक सीमित एडल्ट प्रोडक्ट्स का मार्केट अब तेजी से भारत में पैर पसार रहा है।
2015 में देश में इस बाजार में करीब 2500 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। जिसके साल 2020 तक दस हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है। इन उत्पादों की मांग के मामले में उत्तर प्रदेश छठे और हरियाणा आठवें नंबर पर है।
चर्चित ऑनलाइन एडल्ट स्टोर ‘दैट्स पर्सनल डॉट कॉम’ ने इन उत्पादों के इस्तेमाल के संबंध में एक सर्वे किया है। इस सर्वे के मुताबिक मध्यम और छोटे शहर एडल्ट प्रोडक्ट्स की मांग में महानगरों को टक्कर देने लगे हैं। अब इन उत्पादों के 48 फीसदी ऑर्डर टीयर-2 और टीयर-3 शहरों से आते हैं।
सर्वे में हुआ खुलासा
लगभग 960 बड़े-छोटे शहरों पर आधारित इस सर्वे में बताया गया है कि एडल्ट प्रोडक्ट्स की सर्वाधिक खपत महानगर मुंबई में है। बंगलूरू दूसरे और दिल्ली तीसरे नंबर पर है। इन उत्पादों की सबसे ज्यादा मांग वाले राज्यों में महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु पहले तीन स्थानों पर हैं।
यौन स्वास्थ्य व उत्तेजनावर्द्धक उत्पाद, शरारती गेम, कंडोम और अन्य गर्भनिरोधक, मसाज तेल, स्त्री/पुरुष इनरवियर जैसी चीजें एडल्ट उत्पादों में शामिल हैं। सर्वे के मुताबिक बीते एक साल में टीयर-2 और टीयर-3 शहरों से ऑर्डर तेजी से बढ़े हैं। टीयर-2 शहरों में जयपुर अव्वल है।
सूरत दूसरे, लखनऊ तीसरे और चंडीगढ़ पांचवें स्थान पर है। टीयर-3 शहरों में हिसार (तीसरे), बठिंडा (पांचवें) और पंचकूला (दसवें) टॉप10 में शामिल है। सर्वे कहता है कि एडल्ट प्रोडक्ट्स में सबसे ज्यादा मांग ल्युब्रिकेंट्स और पुरुष परफॉरमेंस बढ़ाने वाले उत्पादों की है।
बिहार में एडल्ट प्रोडक्ट्स का सबसे ज्यादा खर्च (करीब 23 प्रतिशत) पुरुष परफॉरमेंस बढ़ाने वाले उत्पादों पर होता है। गुजरात एडल्ट गेम्स को तवज्जो देता है। केरल से कंडोम के ऑर्डर सबसे ज्यादा आते हैं। गोवा में मसाज तेल की मांग सर्वाधिक है।