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मोदी को बचाने खुद आगे आए अडानी!

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पहले आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल और अब कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी। दोनों नेता भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी पर हमला करने के लिए अडानी का इस्तेमाल कर रहे थे। और मोदी टॉफी मॉडल पर पलटवार करते हुए राहुल गांधी को बच्चा बता रहे हैं।
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लेकिन अब कुछ ऐसा हुआ है, जो अब तक नहीं हुआ था। अडानी पर हमले जारी थे, लेकिन जवाब नहीं आ रहा था। अब अडानी समूह के अगुवा सामने आ गए हैं और तमाम आरोपों का जवाब दिया है।

नरेंद्र मोदी के गुजरात में आकर्षक जमीन कौड़ियों के भाव खरीदने वाले राहुल गांधी के आरोप का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है और यह सब आरोप राजनीतिक वजहों से लगाए जा रहे हैं।
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कॉलेज ड्रॉपआउट से दिग्गज कारोबारी तक

कॉलेज ड्रॉपआउट से देश का सबसे बड़े बंदरगाह के मालिक और निजी बिजली उत्पादक बनने वाले गौतम अडानी विस्तार से जुड़ी अपनी महत्वांकाक्षी योजना पर फोकस कर रहे हैं, लेकिन उनका नाम उछालने वाले चुनाव प्रचार अभियान से कुछ परेशान जरूर हैं।

दरअसल, लोकसभा चुनावों के प्रचार अभियान में एक-दूसरे पर हमला करने के लिए नेता अडानी, अंबानी, टाटा और एस्सार जैसे दिग्गज कारोबारी समूहों का नाम इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि उनका पक्ष जानने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही।

अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने कहा, "हम अलग-अलग दलों की मान्यताओं और राय का सम्मान करते हैं। हालांकि, इस राजनीतिक माहौल में हमें लगता है कि जो निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं, वो या तो राजनीतिक रूप से प्रोत्साहित होकर लगाए जा रहे हैं या फिर गलत जानकारी के आधार पर।"

नेताओं को किराए पर देते हैं विमानः अडानी

गौतम अडानी ने ईटी को दिए इंटरव्यू में कहा, "राष्ट्रीय महत्व का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने से जुड़ी हमारी प्रतिबद्धता और भागीदारी को कम करके आंका जा रहा है और यह देखकर काफी दुख और निराशा होती है।"

भाजपा नेता अडानी के विमानों में सफर करने से जुड़े आरोपों पर अडानी ने कहा कि उनके समूह की विमानन इकाई भी है, जो बेड़ा किराए पर देती है और नेताओं से उसका पैसा वसूला जाता है।

राहुल गांधी ने मोदी पर हमला बोलने के लिए अडानी का इस्तेमाल किया। वो गुजरात के सीएम को पूंजीवादियों के हाथों की कठपुतली के तौर पर पेश कर रहे हैं। हालिया रैली में राहुल ने कहा था कि एक रुपए की टॉफी आती है, लेकिन मोदी ने अडानी को इसी दाम पर जमीन दे दी।

केजरी ने भी किया था हमला

आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल भी अडानी और अंबानी से रिश्तों को लेकर मोदी पर हमला कर चुके हैं। कई कारोबारियों का कहना है क‌ि नीतिगत मोर्चे पर सुस्ती, न्यायिक दखलअंदाजी, प्रक्रियागत अवरोध और धीमी इकनॉमी में डिमांड घटने के बीच नेताओं का कारोबारियों पर हमला करना उनका गुस्सा बढ़ा रहा है।

अडानी ने कहा कि मुंद्रा की जमीन की तुलना की जा रही है, जो गलत है। उन्होंने कहा क‌ि जब वहां काम शुरू हुआ था, तो वो बंजर जमीन का टुकड़ा था और अब दो दशकों के तेज विकास के बाद वहां सूरत कुछ और है। ऐसे में यह तुलना नहीं की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा, "1993 से हमने मुंद्रा में पोर्ट और सेज का सिलसिलेवार विकास किया है। इस दौरान राज्य में अलग-अलग राजनीतिक दलों का शासन रहा है। इन सरकारों ने जरूरत के हिसाब और सभी प्रक्रियागत जरूरतों को पूरा करने के बाद विकास के अलग-अलग चरण में जमीन दी है।"

'20 साल में हमने बदला मुंद्रा का चेहरा'

गौतम अडानी ने कहा, "हमें जमीन आवंटित करते वक्त कोई रियायत नहीं मिली है। यह जमीन सरकार की थी और खाली थी। यहां कोई खेती नहीं हो सकती थी। हमने सरकार के अधिग्रहण रूट के जरिए निजी स्तर पर कभी खेती की जमीन नहीं खरीदी।"

उन्होंने कहा, "मुंद्रा के मामले में अगर कोई विकास से पहले और बाद की स्थिति के दामों की तुलना करता है, तो यह सही नहीं है। हमने 50 हजार करोड़ रुपए लगाकर पिछले बीस साल में इस जमीन को डेवलप किया है। पावर, रोड, रेल, शिपिंग का विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर बनाकर उद्योगों को आकर्षित किया और रोजगार दिए।"

अडानी ने कहा कि उनका समूह गुजरात के बाहर भी मजबूत रिश्ते रखता है, क्योंकि उनका कामकाज राजस्‍थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, हरियाणा, गोवा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में भी फैला है।
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गुजरात से बाहर भी अच्छे रिश्तेः अडानी

गौतम अडानी ने कहा, "हम यह बताना चाहते हैं कि हमें सभी राज्यों में बढ़िया सपोर्ट मिल रहा है, भले वहां किसी भी राजनीतिक दल की सरकार क्यों न हो। यह समझ में भी आता है, क्योंकि यह सेक्टर सरकार के लिए जरूरी है और आ‌र्थिक ग्रोथ की रीढ़ है।"

उन्होंने कहा कि उनके समूह के पास निवेशकों और बाजार का भरोसा है। अडानी ने कहा, "हम उन कुछ कंपनियों में शामिल हैं, जो पिछले सात साल में 11 हजार करोड़ रुपए की इक्विटी जुटाने में कामयाब रहीं।"

गौतम अडानी ने कहा, "हम कर्ज देने वालों के साथ भी गजब के रिश्ते रखते हैं और हम पर उनका पूरा भरोसा है। हमने अपनी सभी वित्तीय प्रतिबद्धताएं पूरी की हैं और हमारी क्रेडिट रेटिंग भी बहुत अच्छी है।"
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