सरकार ने नसीहत दी है कि लोग कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के मामले में जल्दबाजी में किसी नतीजे पर नहीं पहुंचें। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री नारायणसामी ने बुधवार को कहा कि खुर्शीद पर कोई कार्रवाई सिर्फ इसलिए नहीं की जा सकती क्योंकि उनकी संस्था पर भ्रष्टाचार का आरोप है।
हालांकि खुर्शीद का बचाव कर रहे नारायणसामी यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के बारे में पूछे गए सवाल पर कन्नी काट गए। वाड्रा और डीएलएफ के संबंधों के सवाल पर राज्यमंत्री ने कहा कि यह उनका निजी मामला है। नारायणसामी के मुताबिक खुर्शीद और उनकी पत्नी लुईस खुर्शीद की स्वयंसेवी संस्था जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट में हुए कथित वित्तीय हेरफेर की जांच उत्तर प्रदेश सरकार कर रही है।
लुईस ने यह जांच अपनी पहल पर शुरू करवाई है। लिहाजा जांच के पहले किसी को दोषी करार देकर उस पर कार्रवाई करना उचित नहीं। नारायणसामी ने कहा कि चूंकि कुछ लोगों ने उन पर आरोप लगाया है इसलिए उन्हें सजा दी जाए यह तर्कसंगत नहीं। सामी ने कहा कि इस जांच में कितना वक्त लगेगा इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।