भारत को पठानकोट आतंकी हमला मामले के दोषियों के खिलाफ पाकिस्तान की ओर से त्वरित कार्रवाई का भरोसा तो नहीं मगर एक हल्की सी उम्मीद जरूर है। भारत को लगता है कि बातचीत की गाड़ी को पटरी से न उतरने देने और वैश्विक दबाव से बचने के लिए पाकिस्तान प्रस्तावित विदेश सचिव स्तर की वार्ता से पहले कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
भारत को कार्रवाई की हल्की सी उम्मीद बृहस्पतिवार और शुक्रवार को इस हमले के संदर्भ में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की ओर से बुलाई गए बैठकों से बंधी है।
हालांकि पाकिस्तान की दोषियों के खिलाफ सांकेतिक कार्रवाई से बात नहीं बनने वाली। घरेलू राजनीति में विपक्ष के तीखे हमले की जद में आई सरकार बिना किसी ठोस कार्रवाई के विदेश सचिव स्तर की वार्ता के लिए राजी नहीं होगी।