पाकिस्तान की टेरर बोट मामले में नया दावा कर सरकार की नींद उड़ाने वाले डीआईजी लोशाली पर सरकार ने कार्रवाई करते हुए उन्हें फिलहाल उनके पद से हटा दिया है।
दूसरी ओर रक्षा मंत्रालय के बाद अब कोस्ट गार्ड ने भी अपने रुख पर कायम रहते हुए कहा कि पाकिस्तानी बोट को उस पर सवार लोगों ने ही पकड़े जाने के डर से उड़ाया था। कोस्ट गार्ड की ओर से उस पर किसी तरह का हमला नहीं किया गया। जैसा कि पूर्व में डीआईजी बीके लोशाली ने दावा किया था।
इसके बाद रक्षा मंत्रालय ने भी अपने पुराने दावे को पुख्ता करने के लिए एक वीडियो जारी किया, जिसमें बोट से लपटें उठते हुए दिख रही हैं। बताया गया है कि इसमें किसी तरह के राकेट लांचर का इस्तेमाल नहीं किया गया। इसे खुद ही आग लगाई गई है।