अजमेर धमाके के आरोपी भावेश पटेल ने कांग्रेस के दिग्गज नेताओं पर दबाव डालने का आरोप लगाया है।
भावेश का आरोप है कि गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और अन्य कांग्रेस नेताओं ने उन्हें अजमेर धमाके के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत और संघ नेता इंद्रेश कुमार का नाम लेने के लिए दबाव डाला था।
पटेल ने यूपीए में राज्यमंत्री आरपीएन सिंह और कोयला मंत्री श्री प्रकाश जायसवाल का नाम भी लिया है।
भावेश पटेल ने यह आरोप राष्ट्रीय जांच एजेंसी की विशेष अदालत को लिखे एक पत्र में लगाए हैं। पत्र में लिखा है कि उसने दिग्विजय सिंह से भी मुलाकात की थी।
हालांकि भावेश के इस आरोप को एनआईए ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। इससे पहले मामले की जांच में पटेल ने दावा किया था कि उस पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं था।
भोवश पटेल 2007 अजमेर दरगाह धमाकों में अरोपी है। मंगलवार को अजमेर में एनआईए की अदालत ने मुख्य आरोपी असीमानंद समेत सात लोगों पर हत्या के आरोप तय किए थे। इन धमाकों में तीन लोगों की जान गई थी और 20 घायल हुए थे।
वहीं, कांग्रेस ने भी इन आरोपों को खारिज कर दिया है। दिग्विजय सिंह ने कहा है कि वह कभी अजमेर धमाके के आरोपी भावेश पटेल से नहीं मिले और न उसे जानते हैं। उन्होंने कहा कि यह भी जांच करनी चाहिए यह पत्र भावेश ने लिखा है किसी और ने।
आरएसएस के प्रवक्ता राम माधव ने कहा कि वे पहले से कह रहे हैं अजमेर धमाकों में हिंदू संगठनों खासतौर पर आरएसएस और इसके नेताओं के खिलाफ साजिश रची गई है। मामले की जांच होनी चाहिए।