फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिजनौर: IM आतंकी थे धमाका करने वाले

Mon, 15 Sep 2014 08:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद, सहारनपुर, बिजनौर
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर के मोहल्ला जाटान में बम विस्फोट के बाद भागे तीन संदिग्ध कोई और नहीं, बल्कि सिमी बेस्ड इंडियन मुजाहिदीन के स्लीपिंग माड्यूल्स हैं। उनके भागने के बाद अलीगढ़ सहित पश्चिमी यूपी के उन सभी जिलों में विशेष अलर्ट जारी किया गया, जहां सिमी सक्रिय रही है। इसी क्रम में अपने जिले में विशेष निगरानी शुरू हो गई है और खुफिया एजेंसियों ने उनकी टोह लेना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन


सबसे चौंकाने वाला तथ्य है कि मध्य प्रदेश पुलिस हिरासत से एक साल पहले फरार होने के बाद से यह पश्चिमी यूपी में थे और पिछले चार माह से बिजनौर के इस मकान में हिंदू नामों से ठहरे हुए थे।  खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के अनुसार इन तीनों के विषय में जारी अलर्ट में साफ संकेत हैं कि यह तीनों मध्य प्रदेश से एक साल पहले फरार हुए थे। वहां की पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार किया था।

फरारी के बाद यह पश्चिमी यूपी में ही शरण पाए हुए थे और चार महीने से बिजनौर के मोहल्ला जाटान में हिंदू नामों से रह रहे थे। उनके भागने के बाद जो सामग्री बरामद हुई। उसने एजेंसियों के कान खड़े कर दिए। दहशत फैलाने का पूरा सामान वहां से बरामद किया गया। इसके बाद एजेंसियों के कान खड़े हो गए।
विज्ञापन


सूत्रों के अनुसार तीनों में से एक गंभीर रूप से जख्मी हुआ है। उसे इलाज आदि के लिए किसी अपने ठिकाने की जरूरत होगी। ऐसे में जांच एजेंसियां यही मानकर चल रही हैं कि तीनों किसी ऐसे ठिकाने पर शरण पाएंगे, जहां इन्हें आसानी से इलाज व अन्य सुविधाएं मुहैया हो सकें। चूंकि यह तीनों सिमी से आईएम में कनवर्ट हुए संगठन के सदस्य हैं। इसलिए अपने अलीगढ़ व आसपास के जिलों में शरण पाने का ज्यादा अंदेशा है। इसी क्रम में यहां होटल, ढाबों, आउटस्कर्ट, सराय, धर्मशालाओं, सिमी से जुड़े पुराने ठिकानों व लोगों की निगहबानी बढ़ा दी गई है। साफ-साफ है कि किसी भी कीमत पर इनको लेकर कोई लापरवाही न होने पाए।

एसटीएफ का दावा बिजनौर में छिपे हैं आतंकी

विस्फोट के बाद फरार आतंकियों की तलाश में रविवार को तीन राज्यों की पुलिस ने शहर में सर्च अभियान चलाया। जवानों ने लोगों को आतंकियों के फोटो दिखाकर कई मोहल्लों में घरों की तलाशी ली। सर्च अभियान में पूना, भोपाल, मेरठ और स्थानीय फोर्स की 48 टुकड़ी रात तक जुटी रहीं। एसटीएफ का दावा है कि आतंकी बिजनौर में ही छिपे हैं। रविवार को शहर कोतवाली में घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई, साथ ही पुलिस ने पूछताछ के लिए शहर के एक सभासद को हिरासत में लिया है।

शनिवार को विधान सभा उपचुनाव के कारण सर्च अभियान नहीं चलाया गया। रविवार की सुबह जिले भर की फोर्स को शहर कोतवाली बुला लिया गया। सीओ सिटी राजेश कुमार केनेतृत्व में सुरक्षा बल के जवानों की टीमें आतंकियों के फोटो के साथ नई बस्ती, सिविल लाइन, रम्मू का चौराहा, जाटान, रामबाग घेर होती हुई मोहल्ला जाटान में उस मकान में पहुंची जिसमें विस्फोट हुआ था।

फोर्स ने मकान की गहराई से छानबीन की। इस दौरान विस्फोट वाले कमरे से अलहोदा मिस्वॉक, प्रोडेक्ट ऑफ पाकिस्तान टूथब्रश का रेपर बरामद हुआ। शहर के अन्य हिस्सों में निकली फोर्स ने भी कई मोहल्लों में सर्च अभियान चलाया। टीम ने आतंकवादियों के पुराने और नए फोटो दिखाकर गृहणियों से लेकर बच्चों और बड़ों से पूछताछ की। जहां शक हुआ वहां घरों की अंदर घुसकर तलाशी भी ली।

पुलिस की इस कार्रवाई से लोगों में हड़कंप मचा रहा। शहर का कोई इलाका ऐसा नहीं था जहां फोर्स ने सर्च अभियान नहीं चलाया। चौराहों पर भी फोर्स ने चेकिंग अभियान चलाया। सर्च अभियान के लिए बनीं 48 टीमों में 15-15 जवान शामिल थे। सीओ सिटी राजेश कुमार सिंह समेत पांच सीओ भी सर्च अभियान में लगाए गए। सिमी से जुडे़ सभी छह आतंकवादियों के खिलाफ शहर कोतवाली में उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार की ओर से देशद्रोह की धारा 121ए, 122आईपीसी, विधि विरुद्ध क्रिया कलाप करने की धारा 18/13/23, 25 आर्म्स एक्ट(पिस्टल), 4/25 (चाकू), 4/25 (विस्फोटक सामग्री मिलना) की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

मेरठ से जुड़े बिजनौर में ठहरे आतंकियों के तार

बिजनौर के जाटान मोहल्ले में महिला के घर किराए पर रहने वाले आतंकियों के तार मेरठ से जुड़े पाए जा रहे हैं। सप्ताह में एक दिन चारों में से कोई न कोई आतंकी मेरठ और दिल्ली जाता रहता था। मेरठ में ही जगत सिनेमा के पास से वह लैपटाप भी खरीदा गया था, जो मौके पर बरामद हुआ। एटीएस को दो टिकटें मुरादाबाद से बिजनौर की भी मिली हैं। लिहाजा खुफिया टीमें मेरठ में भी उन्हें तलाश करने की कोशिश में जुटी हैं।

शुक्रवार दिन में हुए धमाके के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को 9 एमएम की पिस्टल, आईईडी, विस्फोटक पदार्थ, माचिस के बाक्स, लैपटाप, सिम कार्ड के अलावा कपड़ों की तलाशी से रोडवेज बस की टिकटें मिली थीं। सूत्रों के मुताबिक ज्यादातर टिकटें बिजनौर से मेरठ व दिल्ली की थीं। मीरापुर जाने और मुरादाबाद से आने की भी टिकटें मिलीं। इससे जाहिर है कि मुरादाबाद होते हुए ही आतंकियों में से कोई बिजनौर पहुंचा था।

मेरठ और दिल्ली में चारों कहां-कहां गए? इस संबंध में सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। तमाम मुखबिरों को भी लगाया गया है। बता दें कि बम बनाते समय धमाके के बाद से फरार आतंकियों का अब तक पता नहीं लग पाया है। डीआईजी गुलाब सिंह ने बताया कि फरार आतंकियों के स्केच व फोटो जारी करने पर विचार किया जा रहा है। ताकि जल्द उन्हें पकड़ा जा सके।  

टला नहीं खतरा, अफसर परेशान
आतंकियों का बम बनाने का कारखाना जरूर पकड़ा गया। लेकिन फरार हुए चारों आतंकवादी अब तक पुलिस या एटीएस टीम के हत्थे नहीं चढ़े। इससे खतरा टला नहीं है। चंद रोज बाद शुरू हो रहे नवरात्र पर्व को देखते हुए हाईअलर्ट किया गया है। माना जा रहा है कि आतंकी दोबारा अपने मंसूबों को कामयाब करने के लिए और कोई सुरक्षित ठिकाना तलाश कर रहे होंगे। लेकिन पुलिस अब तक उन ठिकानों के बारे में भी पता नहीं लगा पाई।

बिजनौर धमाके के बाद सहारनपुर में अलर्ट

बिजनौर में हुए विस्फोट के बाद सहारनपुर में भी अलर्ट कर दिया गया है। हालांकि यहां कुछ दिन पूर्व ही पकडे़ गये इंडियन मुजाहिद्दीन के आंतकी एजाज शेख के बयान के पुलिस उसके देवबंद क्षेत्र में छिपे तीन संदिग्ध साथियों की तलाश कर रही है, लेकिन अभी उसे कामयाबी नहीं मिली है।

बिजनौर के मोहल्ला जाटान में शुक्रवार को हुए बम विस्फोट के बाद तीन संदिग्ध युवक फरार हो गए थे। उनकी तलाश में पुलिस टीमें छापेमारी कर रही हैं। इसे लेकर सहारनपुर में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। एसएसपी राजेश पांडेय ने सभी थानाध्यक्षों को अपने क्षेत्र में हर संदिग्ध और किसी भी गलत गतिविधि पर नजर रखने के कड़े निर्देश दिए हैं।

यह एहतियाती कदम इसलिए भी उठाया गया क्योंकि यहां कुछ दिन पूर्व ही आईएम की टेक्नीकल सेल का हेड एजाज शेख की गिरफ्तारी हुई थी। उसने खुलासा किया था कि देवबंद क्षेत्र में उसके तीन साथी छिपे हुए हैं। उनकी तलाश करने से ज्यादा सहारनपुर पुलिस ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा एजाज की यहां से गिरफ्तारी पर ही सवाल खड़े करती रही। सीओ से जांच कराकर एसएसपी ने  डीजीपी को रिपेर्ट भेजी है। उसमें एजाज की यहां से गिरफ्तारी न होने की बात पर बल दिया गया है।
विज्ञापन

ऐसे निकल भागे थे आतंकी

झुलसे आतंकवादी को उसके साथी के साथ चिकित्सक के यहां लेकर रिक्शा चालक भी गया था। रिक्शा चालक को नहीं मालूम था कि झुलसा युवक आतंकवादी है। चिकित्सक की दुकान से जाते वक्त आतंकवादी ने झुलसे साथी के लिए एक चादर खरीदी और उसे ओढ़ाकर बाइक से उसे ले गए।

पुलिस के  मुताबिक राम के चौराहे से रिक्शा में झुलसे आतंकवादी के साथ उसका साथी भी बैठा था। एक आतंकवादी रिक्शा के  पीछे पैदल आया। रिक्शा चालक से आतंकवादी ने किसी चिकित्सक की दुकान मालूम की तो उसने मुख्य डाकघर चौराहे से कुछ दूरी पर एक चिकित्सक की दुकान पर रिक्शा रोककर झुलसे आंतकवादी को उसके साथी के साथ उतार दिया।

रिक्शा के पीछे चल रहा आतंकवादी पैदल पीछे को गया और थोड़ी देर में ही बाइक पर सवार बाकी साथियों को वहां बुला लाया। बाकी तो बाइक से उतर गए। झुलसे साथी को बाइक पर बैठा दिया। एक साथी पास की दुकान से चादर खरीद लाया तथा झुलसे साथी को ओढ़ा दी। बाइक पर झुलसे समेत दो आतंकवादी चले गए। बाकी पैदल चले गए।  इसके बाद किसी को कुछ नहीं पता कि आतंकवादी कहां गए। सीसी फुटेज में आतंकवादी साफ नजर आ रहे हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें