नाबालिग लड़कियों से यौन शोषण के आरोप में सलाखों के पीछे कैद आध्यात्मिक गुरु आसाराम बापू की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
अहमदाबाद पुलिस ने आसाराम का पोटेंसी टेस्ट कराया था और उसके नतीजे आ गए हैं। नतीजे पॉजिटिव रहे हैं।
पुलिस उन्हें बुधवार को सोला सिविल अस्पताल ले गई थी, जहां उनका चेकअप हुआ। इसके बाद उन्हें पोटेंसी टेस्ट के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया।
दूसरी बार हुआ पोटेंसी टेस्ट
जोधपुर की लड़की के यौन शोषण का आरोप लगाने के बाद भी आसाराम का यह टेस्ट हुआ था। इस टेस्ट से यह पता लगाया जाता है कि कोई यौन रूप से सक्षम है या अक्षम।
आसाराम ने कथित तौर पर कहा था कि वह बीते दस साल से भी ज्यादा वक्त से ब्रह्मचर्य का पालन कर रहे हैं। एसआईटी के सूत्रों का कहना है कि सूरत की बहनों से यौन शोषण के आरोपों की जांच के दौरान यह फैसला किया गया कि पोटेंसी टेस्ट कराया जाना चाहिए, ताकि यह साबित किया जा सके कि वह यौन संबंध बना सकते हैं।
जोधुपर में उन्होंने टेस्ट कराने से मना किया था, लेकिन अहमदाबाद में ऐसा कुछ नहीं हुआ। उन्होंने बताया, "जैसे ही उनसे टेस्ट के लिए कहा गया, वह तुरंत राजी हो गए। उन्होंने हमसे कहा कि इस टेस्ट से मंसूबे जाहिर नहीं हो सकते।"
जोधपुर में भी उनका ऐसा टेस्ट हुआ था और वह बिना किसी स्टिमुलेंट्स के इसे पास कर गए थे।