दिल्ली में सरकार बनाने से पहले आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने जनता के बीच जाने का फैसला लिया है।
इसके लिए पार्टी दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों के 280 वार्डों में जनसभाएं करके लोगों की राय जानेगी। लोगों से भी कॉल, एसएमएस, फेसबुक और आप की वेबसाइट पर भी राय मांगी जाएगी।
इससे पहले कौशांबी में पार्टी के विधायक दल की बैठक में सरकार बनाने पर आम राय नहीं बन सकी। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए केजरीवाल ने साफ किया कि सोमवार को सारा सस्पेंस खत्म हो जाएगा।
उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि विधायक दल की बैठक में कोई आम राय नहीं बन सकी है। इसलिए अब जनता के बीच जाने का निर्णय लिया गया है।
जनता के वोट प्रतिशत के आधार पर पार्टी सरकार बनाने पर कोई निर्णय लेगी। हालांकि कितने प्रतिशत वोटों के आधार पर सरकार बनाने का निर्णय लिया जाएगा, ये बताने से केजरीवाल ने इंकार कर दिया।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी जनता की पार्टी है। इसका हर निर्णय जनता की राय से होगा। माना जा रहा है कि 51 फीसदी वोटों पर सरकार बनाने का निर्णय लिया जा सकता है।
बांटेंगे चिट्ठी की 25 लाख कापियां
केजरीवाल ने जनता को लिखी अपनी चिट्ठी भी पढ़कर सुनाई। इसमें अरविंद ने भाजपा के साथ समर्थन पर राजी कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव तक कांग्रेस अपना सीधापन दिखा रही है।
इसके बाद कांग्रेस छींक आने पर भी सरकार से समर्थन वापस ले सकती है। उन्होंने कहा कि जनता को चिट्ठी की 25 लाख प्रतियां दिल्ली में बांटी जाएंगी और राय मांगी जाएगी।