योगेंद्र यादव, प्रशांत भाषण की मानें तो आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बहुत हंगामेदार रही। बैठक में धक्कामुक्की हुई और कई सदस्यों को बाउंसरों ने घसीट कर बाहर निकाल दिया।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से बाहर आने के बाद बदहवास दिख रहे योगेंद्र यादव ने कहा कि मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है बैठक में लोकतंत्र की हत्या हुई है। योगेंद्र यादव ने कहा कि बैठक में अरविंद केजरीवाल के भाषण के दरम्यान मेरे और प्रशांत के खिलाफ नारे लगाए गए।
उल्लेखनीय है कि बैठक में योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, आनंद कुमार और अजीत झा को राष्ट्रीय कार्यकारिणी से बाहर कर दिया गया। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अरविंद केजरीवाल बतौर संयोजक अपना भाषण खत्म करने के बाद ही बैठक से निकल गए। केजरीवाल के जाते ही हंगामा शुरु हो गया।
गोपाल राय को बैठक का चेयरमैन बना दिया गया
योगेंद्र यादव ने बताया कि बैठक में मारपीट हुई, हंगामा हुआ, धक्का-मुक्की हुई, बोगस वोटिंग हुई। आप की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रमजान चौधरी और धर्मवीर गांधी को बाउंसरों ने घसीट कर बाहर कर दिया। रमजान चौधरी ने कहा कि बाउंसरों ने उन्हें लात मारी, जिससे उनका पैर टूट गया।
योगेंद्र यादव ने कहा कि पहले से तय था कि बैठक में हंगामा किया जाएगा। केजरीवाल गुट ने पहले से बैठक की स्क्रिप्ट तय कर रखी थी और उसी के मुताबिक सब कुछ किया गया। अरविंद केजरीवाल का भाषण खत्म होते ही गोपाल राय को बैठक का चेयरमैन बना दिया गया।
योगेंद्र ने कहा कि केजरीवाल का भाषण अध्यक्ष जैसा नहीं था। उनके भाषण में केवल मुझपर और प्रशांत भूषण पर हमला किया गया। भाषण के दौरान कपिल मिश्रा और कई विधायक मेरे और प्रशांत खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
योंगेंद्र यादव ने कहा कि हमने गोपाल राय को अध्यक्ष बनाने के प्रस्ताव का विरोध किया और कहा कि अध्यक्ष का चयन गुप्त मतदान से किया जाना चाहिए, तो हमसे लिखित प्रस्ताव मांगा गया।
बात सुनने के बजाय सदस्यों का बाहर निकाला गया
योगेंद्र ने बताया कि उन्होंने प्रस्ताव लिखना शुरु किया ही था कि मनीष सिसोदिया ने वोटिंग शुरु करा दी। उस समय संजीव वालिया और रमजान चौधरी ने मांग की कि सबकी बात सुनी जाए। उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें बाउंसरों ने बाहर निकाल दिया गया।
बैठक से बाहर आए प्रशांत भूषण ने कहा, 'अरविंद केजरीवाल का कल जो स्टिंग सामने आया, आज उसी के मुतातबिक षडयंत्र का हमें बाहर निकाला गया है।' उन्होंने कहा कि ऐसे-ऐसे गुंडों को बुलाया गया, जो आज एमएलए कहे जाते हैं। प्रशांत ने कहा कि बैठक में किसी की नहीं सुनी जा रही थी, बस लातघूंसे चल रहे थे।
आनंद कुमार ने कहा कि बैठक में हुल्लड़ हुई। किसने किसे मारा ये पता नहीं चल पाया। हालांकि उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि न छोड़ेंग, न तोड़ेंगे।