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पलटी मारने का रिकॉर्ड बनाने चले केजरीवाल

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अरविंद केजरीवाल, एक ऐसा नेता जो अपनी नई तरह की राजनीति से देश के सड़ते सिस्टम में सुधार लाने की उम्मीद के साथ आया और अपने पहले ही इम्तहान में छा गया। बदलाव का इंतजार कर रही जनता ने भी उनमें विश्वास जताया।
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एंट्रेस एग्जाम में उन्हें भले 70 में से 28 अंक मिले हों, लेकिन देश भर की सियासत में एक अजीब सा उबाल जरूर आ गया। हालांकि, चुनावी राजनीति में कूदे केजरीवाल ने जब से अपना सफर शुरू किया, विवाद भी उनसे कदमताल करते रहे।

आंदोलन से राजनीति, राजनीति से चुनाव और फिर पूरी तरह सियासी चोला ओढ़ना, इस सफर में केजरीवाल के कुछ बयान और घटनाक्रम ने हमेशा सवाल खड़े किए और जवाब देना भारी हो गया। नतीजा यह हुआ कि केजरीवाल को या तो माफी मांगनी पड़ी या अपनी बात से यू-टर्न लेना पड़ा। और इन दिनों अब उन पर पलटी मारने के आरोप लग रहे हैं।
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मी‌डिया को जेल भेजने पर पलटे केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल गुरुवार को नागपुर दौरे पर थे और वहां एक कार्यक्रम में उन्होंने कुछ ऐसा कह दिया, जिसे लेकर शुक्रवार को दिन भर बवाल मचा रहा। आम आदमी पार्टी के इस कार्यक्रम में उन्होंने मीडिया पर हमला बोला और धमकी तक दे डाली।

केजरीवाल ने कहा, "मीडिया मोदी के पक्ष में काम कर रहा है और सिर्फ उनके पक्ष में खबरे दिखाता है, जो पूरी तरह गलत है। हम सत्ता में आए, तो मीडिया समेत इन सभी लोगों को जेल में डाल देंगे।"

आम आदमी पार्टी नेता ने मीडिया पर पहली बार हमला नहीं बोला। वो मीडिया से बातचीत में भले संयम दिखाते हों, लेकिन अपनी चुनावी रैलियों और पार्टी कार्यक्रमों कई बार इसी तरह की बात कहते रहे हैं।

मीडिया का पलटवार, फिर दी गई सफाई

लेकिन इस बार पेंच फंस गया। दरअसल, उनका यह भाषण एक वीडियो क्लिप में कैद हो गया। नतीजा यह हुआ कि केजरीवाल को पलटी मारनी पड़ी। उन्होंने शुक्रवार सवेरे कहा, "मैं ऐसा क्यों कहूंगा? मी‌डिया से मुझे क्या शिकायत होगी।"

लेकिन बवाल थमा नहीं। ब्रॉडकास्टर्स एडिटर्स ऐसोसिएशन ने इस बयान की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह का बयान कमजोरी की निशानी है। विरोधी राजनीतिक दलों को भी केजरीवाल पर हमला बोलने का मौका मिल गया।

चेन्नई में तो बात और आगे बढ़ गई। आम आदमी पार्टी के इस बयान के खिलाफ पत्रकार एकजुट हुए और उनके कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया गया। वही प्रदर्शन, जो हाल तक इस पार्टी का सबसे बड़ा हथियार हुआ करता था।

मोदी की तारीफ, फिर पलट गए

अरविंद केजरीवाल का अपने बयान से पलटने का यह पहला या इकलौता मामला नहीं है। इस घटना के दो दिन पहले वह मुंबई में थे और निवेश जगत के जानकारों के साथ बंद कमरे में हुई बैठक में उनसे जब पूछा गया कि वह मोदी या मायावती में से किसे पीएम के रूप में देखना चाहेंगे, तो उन्होंने कहा, "अगर मेरे सिर पर बंदूक रख दी जाए, तो मैं मोदी का नाम लूंगा।"

अगले रोज यह खबर मीडिया में इसी तरह चली। लेकिन जैसे ही यह बात फैली, आम आदमी पार्टी के नेता ने इससे पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने ट्विटर के माध्यम से कहा कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा।

केजरीवाल ने आगे सवाल किया है कि कुछ चैनल इस तरह मोदी समर्थक स्टोरी क्यों चला रहे हैं। ऐसी खबरें मोदी के पक्ष में हवा बनाने के लिए जानबूझकर चलाई जा रही हैं। ऐसे तो मोदी को वोट नहीं मिलने वाला।

पुलिस की आलोचना पर फंसे

इससे कुछ दिन पहले एक समाचार चैनल के कार्यक्रम में दिल्ली के पूर्व पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार ने अरविंद केजरीवाल को घेर लिया था। केजरीवाल ने अपने भाषण में कहा था कि दिल्ली में कितने बलात्कार होते हैं, लेकिन केस नहीं सुलझते। सभी को निर्भया मामले की जानकारी है, क्योंकि उसे मीडिया ने उछाल दिया।

लेकिन इस भाषण्‍ा के बाद श्रोताओं को सवाल करने का मौका दिया, जिसमें नीरज कुमार ने कहा, "आपने कहा कि निर्भया मामले के अलावा बलात्कार के मामले हल नहीं होते और यहां मौजूद लोगों को मैं बताना चाहता हूं कि ऐसा नहीं है। ज्यादातर मामले पुलिस सुलझाती है।"

इतना कहना था कि केजरीवाल ने यूटर्न लिया और कहा, "मेरा कहने का यह मतलब नहीं था। दरअसल, पुलिस तो अपना काम करती है, चार्जशीट दाखिल की जाती है, लेकिन मामले अदालत में लटके रहते हैं। मैं न्यायपालिका की बात कर रहा था।"
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पलटी मारने से केजरी का पुराना नाता

केजरीवाल यूटर्न लेने के मामले में कई बार घिर चुके हैं। राजनीति में आने से उन्होंने तौबा की, लेकिन बाद में सियासत में कदम रख दिया। और इसे लेकर अन्ना हजारे से भी अलग हो गए।

उन्होंने कहा कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन सियासी मजबूरियों ने उन्हें चुनावी मैदान में उतार दिया। फिर कहा कि किसी का समर्थन नहीं लेंगे, बाद में कांग्रेस के समर्थन से दिल्ली में सरकार बनाई।

हालां‌कि, अरविंद केजरीवाल अपने अंदाज में यू-टर्न पर सफाई भी देते रहे हैं। उन्होंने कहा था, "अगर लगता है कि कोई बदलाव होना चाहिए, तो खुद को बदलने में कोई हर्ज नहीं है। हम ऐसे ही सीख रहे हैं।"

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