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‘आधार’ से खत्म होंगे बिचौलिये और बढ़ेगी पारदर्शिता

Sat, 20 Oct 2012 08:02 PM IST
जयपुर/अमर उजाला ब्यूरो
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यूपीए सरकार ने शनिवार को ‘आधार परियोजना’ के अंतर्गत गरीबों को सब्सिडी और अन्य योजनाओं का पैसा सीधे देने (कैश ट्रांसफर) का काम शुरू कर दिया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि इस योजना के कार्यान्वयन से सरकारी परियोजनाओं में बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए सरकार तकनीक की मदद से अपनी व्यवस्था को अधिकाधिक पारदर्शी बनाने के हर संभव प्रयास कर रही है।
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प्रधानमंत्री ने शनिवार को जयपुर जिले में स्थित दूदू तहसील में आधार आधारित सेवा की औपचारिक शुरुआत के तहत आयोजित कार्यक्रम में कहा कि सरकार शासन के काम में बेईमानी खत्म करने और जवाबदेही बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर नई तकनीक खास तौर पर सूचना तकनीक का इस्तेमाल करना चाहती है। उल्लेखनीय है कि आधार 12 अंकों को एक विशिष्ट नंबर है, जो व्यक्ति विशेष की पहचान होगा। अब तक 24 करोड़ से भी ज्यादा लोगों का नाम आधार नंबर के लिए दर्ज किया जा चुका है।

यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आधार की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर उदयपुर जिले के गांव कुरावार्ड की बाली देवी को 21 करोड़वां आधार कार्ड प्रदान किया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हमारी यह कोशिश रही है कि गरीबों को तरक्की के समान अवसर मिलें। इसी उद्देश्य से यूपीए सरकार ने आधार परियोजना शुरू की है। आमजन के पास आधार कार्ड नहीं होने से सरकारी योजनाओं का फायदा लेने तथा अपना कारोबार करने में दिक्कत होती है। आधार कार्ड मिलने से उनकी यह दिक्कत दूर होगी। इससे प्रत्येक भारतवासी को एक विशिष्ट पहचान नंबर दिया जाएगा। दुनिया के दूसरे देश हमारी इस परियोजना को देख रहे हैं।’
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उन्होंने कहा कि आधार कार्ड से बैंक खाता खोलने, नया टेलीफोन कनेक्शन लेने, हवाई या रेल टिकिट लेने तथा अन्य कामों में आम आदमी को मदद मिलेगी। छात्र-छात्राओं को इससे विशेष फायदा होगा। सरकारी छात्रवृत्ति, बुजुर्गों को पेंशन तथा चिकित्सा लाभ को सीधे लोगों के खातों में आधार के जरिए पहुंचाया जा सकेगा। इस मौके पर वित्त मंत्री पी चिदंबरम और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी मौजूद थे।

आधार का लाभ
- आधार नंबर मिलने के बाद रसोई गैस में मिलने वाली अनुदान की राशि या अन्य सरकारी आर्थिक मदद सीधे उपभोक्ता/व्यक्ति के खाते में जमा हो जाएगी। इस नंबर के बाद गरीबों को भटकना नहीं पडे़गा। पहचान का प्रमाण पत्र नहीं देना पडे़गा। यह पत्र पहचान में ही नहीं बल्कि सार्वजनिक सेवाएं हासिल करने में भी इस्तेमाल हो सकेगा। किसी का कोई हक नहीं मार पाएगा।

- आधार सिर्फ पहचान संख्या ही नहीं है। इससे सार्वजनिक सेवाओं को प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इस परियोजना के माध्यम से गरीबों को उनका हक मिलेगा। कोई उनका हक नहीं छीन सकेगा। आधार परियोजना से आम आदमी की जिंदगी में बदलाव आएगा।-सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष
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आधार से मिलेंगे
- वृद्घावस्था, विधवा, विशेष योग्यजन पेंशन
- मनरेगा जॉबकार्ड
- राशन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस
- पानी-बिजली के कनेक्शन
- संपत्ति पंजीकरण
- भूअभिलेख नामांतरण और नकल
- इंदिरा आवास योजना एवं ग्रामीण विकास व पंचायतीराज की व्यक्तिगत योजनाओं का लाभ

- 60 करोड़ भारतीयों को 2014 तक यह पहचान संख्या उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य।
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