सभी उपभोक्ताओं को इंटरनेट की समान पहुंच देने के लिए सरकार ने नेट न्यूट्रलिटी मामले की पड़ताल के लिए विशेषज्ञों की एक कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी अगले एक माह में अपनी रिपोर्ट देगी। नेट न्यूट्रलिटीको लेकर भारतीय दूरसंचार नियामक आयोग (ट्राई) ने स्टेकहोल्डर्स से राय मांगने के लिए मसौदा जारी किया है।
ट्राई ने इस मसौदे में कहा है कि उसे उपभोक्ता और टेलीकॉम कंपनियों दोनों का हित देखना है। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि टेलीकॉम कंपनियां नेट न्यूट्रलिटी को समाप्त करना चाहती है ताकि उनकी कमाई बढ़ सके। अभी नेट सेवा लेने के बाद उपभोक्ता किसी भी साइट पर जा सकता है, लेकिन टेलीकॉम कंपनियां इसके पक्ष में नहीं है।
इसमें बदलाव के लिए ट्राई ने मसौदा जारी किया है। लेकिन उपभोक्ता वर्तमान स्थिति के पक्ष में है। इसलिए ट्राई को पिछले सात दिनों में 50 हजार मेल उपभोक्ताओं की तरफ से मिले है जिससे यह मामला तूल पकड़ लिया।