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आईएस नेटवर्क तोड़ने के लिए देशव्यापी अभियान, नौ और गिरफ्तार

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देश में आईएस के नेटवर्क को तोड़ने में जुटी एनआईए तथा केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने नौ और युवकों को गिरफ्तार किया है। इस तरह पिछले 24 घंटों में 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन्हें छह शहरों के 12 ठिकानों पर छापेमारी के बाद पकड़ा गया था।
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गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि सभी आरोपियों को संबंधित राज्य की स्थानीय अदालतों में पेश कर नई दिल्ली के लिए ट्रांजिट रिमांड मांगी गई है ताकि केंद्रीय एजेंसियां उनसे विस्तार से पूछताछ कर सकें। जो नई गिरफ्तारियां हुई हैं, उनमें कर्नाटक से सैयद मुजाहिद, आसिफ अली उर्फ अरमान सानी, सुहैल अहमद उर्फ सोहेल उर्फ हफीस साब और मोहम्मद अब्दुल अहद उर्फ बड़े आमिर उर्फ सुलेमान, हैदराबाद से मोहम्मद उबेदुल्ला खान उर्फ ओबैद उर्फ तल्हा, रिजवान अली और अबू अनस, मुंबई से हुसैन खान तथा औरंगाबाद से इमरान पठान का नाम शामिल है। पुलिस सूत्रों के अनुसार महाराष्ट्र एटीएस ने हुसैन खान को दक्षिणी मुंबई के मझगांव से और इमरान पठान को औरंगाबाद से पकड़ा है। पठान की गिरफ्तारी शनिवार तड़के हुई है।

एटीएस ने दोनों को एनआईए को सौंप दिया। बाद में एनआईए कोर्ट ने खान को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर दे दिया। आरोप है कि ये दोनों आतंकी संगठन के लिए युवाओं को भर्ती करने का काम करते थे। इससे पहले महाराष्ट्र एटीएस ने एनआईए के सहयोग से शुक्रवार को मुंब्रा से मुदब्बिर शेख को पकड़ा था।
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सुरक्षा एजेंसियों की 150 युवकों पर नजर

वहीं हैदराबाद से गिरफ्तार रिजवान उत्तर प्रदेश के कुशीनगर का रहने वाला है। वह ‘जानूद-उल-खलीफा-ए-हिंद’ का स्वयंभू उप प्रमुख है। हैदराबाद से ही पकड़ा गया अबू अनस राजस्थान के टोंक जिले का निवासी है। वह हैदराबाद में टीडब्ल्यूजी इंटरनेशनल कंपनी में बतौर इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी एनालिस्ट काम कर रहा था। पिछले सप्ताह उसने नौकरी छोड़ दी थी।

उच्चपदस्थ सरकारी सूत्रों के मुताबिक आतंकियों के खिलाफ चल रही देशव्यापी कार्रवाई के तहत करीब 150 युवकों पर नजर रखी जा रही है। आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के पुराने आतंकवादी फिर से पुनर्गठित होकर अंजर-उल-तौहीद-अल-हिंद के नाम से अपने को मजबूत करने की कोशिश में हैं।

एजेंसियों का मानना है कि ये लड़के आईएस से प्रेरित होकर आतंकवाद की तरफ आकर्षित हुए हैं। ये लोग हथियार और विस्फोटक इकट्ठा करने की अपनी कोशिश में काफी हद तक कामयाब हो गए थे।
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