महात्मा गांधी को पूरा भरोसा था कि ताइवान के ताईहोकू में हुए विमान हादसे में नेताजी की मौत नहीं हुई थी। यही वजह थी कि इस हादसे में उनकी मौत के एलान के तुरंत बाद गांधी जी ने नेताजी के घरवालों को एक टेलीग्राम भेज कर कहा था कि वह नेताजी के लिए कोई श्राद्ध कर्म न करें।
शनिवार को जारी फाइलों में नेताजी के भतीजे अमिय नाथ बोस की ओर से सात अगस्त, 1995 को तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव को भेजे एक पत्र में यह बात कही थी।
अमिय नाथ नेताजी के बड़े भाई शरत चंद्र बोस के पुत्र हैं।