आम आदमी पार्टी ने पिछले एक महीनों में चुनाव प्रचार के सभी मोर्चों पर भारतीय जनता पार्टी को कड़़ी टक्कर दी। चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही अरविंद केजरीवाल समेत आप नेताओं की जनसभाओं और रैलियों में भीड़ उमड़ने लगी। आप की जीत की संभावनाओं का ग्राफ जैसे-जैसे बढ़ा, पार्टी के खजाने में भी बढ़ोत्तरी होने लगी।
आम आदमी पार्टी ने विधानसभा चुनावों के लिए 30 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा था। पार्टी इस आंकड़े को छू तो नहीं पाई, लेकिन 18 करोड़ जुटाने में कामयाब रही। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इस रकम का 70 फीसदी हिस्सा आप के खाते में 27 दिनों में आया।
12 जनवरी से 7 फरवरी के बीच आप के खजाने में लगभग 12 करोड़ आए। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में चुनावों की अधिसूचना 14 जनवरी को जारी हुई थी और 7 फरवरी को वोट पड़े थे।