भारत सरकार ने पूर्व सैनिकों के लिए शनिवार को वन रैंक वन पेंशन का ऐलान कर दिया। हालांकि कल तक पूर्व सैनिकों का कहना है था कि उनकी सभी मांगे नहीं मानी गई हैं और वो प्रदर्शन जारी रखेंगे। बीते कई दिनों से आंदोलित पूर्व सैनिकों ने पीएम के ऐलान के बाद रविवार को अनशन खत्म कर दिया।
इसके तहत समान रैंक पर रिटायर हुए सभी सैनिकों और सैन्य अधिकारियों को समान पेंशन मिलेगी। उदाहरण के तौर पर 1996 में रिटायर हुए सैन्य अधिकारी को 2006 में उसी रैंक पर रिटायर हुए अधिकारी के बराबर पेंशन मिलेगी।
ये रही मोदी सरकार के फैसले की मुख्य बातें
1-ओआरओपी का फायदा एक जुलाई 2014 से लागू किया जाएगा। ओआरओपी साल 2013 के आधार पर निर्धारित की जाएगी।
2-रक्षा मंत्री के मुताबिक वन रैंक वन पेंशन यानी ओआरओपी लागू करने से 8000-10,000 करोड़ रुपए ख़र्च होंगे। ये ख़र्च भविष्य में और भी बढ़ेगा।
3-पेंशन हर पांच साल में निर्धारित की जाएगी।
इनको भी मिलेगा ओआरओपी का फायदा
4-जो सैनिक स्वेच्छा से रिटायरमेंट लेते हैं उन्हें भी ओआरओपी का फायदा मिलेगा। फरीदाबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात का ऐलान किया।
5-बढ़ी हुई पेंशन चार अर्धवार्षिक किस्तों में अदा की जाएगी। सैनिकों की विधवाओं को बढ़ी हुई पेंशन एक किस्त में ही दी जाएगी।
6-सरकार के मुताबिक सिर्फ एरियर देने पर ही 10-12 हजार करोड़ खर्च होंगे।
7-रिटायर होने वाले कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखने के लिए एक सदस्य न्यायिक आयोग गठित किया जाएगा।
पीएम के ऐलान के बाद नरम हुए सैनिकों के तेवर
सरकारी टीवी चैनल दूरदर्शन के मुताबिक ओआरओपी लागू होने से करीब 25 लाख पूर्व सैनिकों और सैनिकों की छह लाख विधवाओं को फायदा होगा।
लेकिन रविवार को प्रधानमंत्री मोदी के वीआरएस लेने वाले सभी सैनिकों को ओआरपी देने ऐलान के बाद आंदोलित पूर्व सैनिकों का रूख नरम पड़ गया है। पीएम के ऐलान के बाद अब पूर्व सैनिकों ने अनशन खत्म कर शनिवार को गौरव रैली का आयोजन करने का निर्णय लिया है।