फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पाक जेलों में चालीस साल से कैद हैं 54 भारतीय सैनिक

विज्ञापन
विज्ञापन
सरकार ने पहली बार स्वीकार किया है कि भारत के 54 सैनिक चार दशकों से भी अधिक समय से पाकिस्तानी जेल में बंद हैं।
विज्ञापन


सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी में सरकार ने बताया है कि वर्ष 1965 और वर्ष 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान इन सैनिकों को पाकिस्तान ने बंदी बना लिया था।

सरकार का कहना है कि भारत ने इस मामले को पाकिस्तान के समक्ष कई बार उठाया है। लेकिन पाकिस्तान ने अपनी जेलों में भारतीय सैनिकों के बंद होने से इनकार कर दिया है। सरकार ने अब इस मुद्दे को देखने के लिए रक्षा मंत्रालय में त्रि-सेवा समिति गठित किए जाने की जानकारी दी है।
विज्ञापन


हालांकि सरकार ने इस बात का कोई जवाब नहीं दिया कि जब उस दौरान पाकिस्तान के 93 हजार सैनिकों को समझौते के तहत छोड़ा गया, तब उसी दौरान इन सैनिकों की रिहाई क्यों नहीं कराई गई।
विज्ञापन

14 रिश्तेदारों ने पाक जेलों का दौरा भी किया

सरकार ने सालों बाद भारतीय सैनिकों के पाकिस्तानी जेल में बंद होने की बात स्वीकारी है। आरटीआई के जवाब में रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि इन्हें छुड़ाने का प्रयास अब तक विफल रहा है। पाकिस्तान हमेशा से भारतीय सैनिकों को अपने जेल में बंद होने से साफ इनकार करता आया है।

जवाब में यह भी कहा गया है कि 2007 में इन रक्षाकर्मियों के 14 रिश्तेदारों ने पाकिस्तान की जेलों का दौरा भी किया था, लेकिन वे युद्धबंदियों की वास्तविक शारीरिक उपस्थिति की पुष्टि नहीं कर सके थे।

इसी आरटीआई के जवाब में विदेश मंत्रालय ने भी कहा है कि 54 भारतीय सैनिकों के पाकिस्तानी जेल में होने का विश्वास है। मंत्रालय ने तो इनमें से कुछ नाम भी बताए हैं।

मंत्रालय के मुताबिक इनमें से छह रक्षाकर्मियों में लेफ्टिनेंट वीके आजाद, गनर मदन मोहन, गनर सुजान सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट बाबुल गुहा, फ्लाइंग अफसर तेजिंदर सिंह सेठी और स्क्वाइड्रन लीडर देव प्रसाद चटर्जी को 1965 के दौरान युद्धबंदी बनाया गया था, जबकि अन्य 48 रक्षाकर्मी 1971 की लड़ाई के दौरान बंदी बनाए गए थे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें