प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना जल्द पूरा होगा। वैश्विक स्तर पर योग दिवस मनाने के प्रस्ताव का लगभग 50 देशों ने समर्थन किया है। मोदी ने पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक अधिवेशन में ये प्रस्ताव दिया था।
संयुक्त राष्ट्र स्थित भारतीय मिशन ने प्रधानमंत्री के प्रस्ताव को मसौदे को रूप दिया है। अमेरिका, कनाडा और चाइना समेत 50 देश मसौदे का समर्थन करने के लिए तैयार हैं। मसौदे में 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप मनाए जाने की मांग की गई है। ये मसौदा जल्द ही संयुक्त राष्ट्र सचिवालय को सौंपा जाएगा।
भारत सरकार प्रयास कर रही है कि प्रस्ताव को इस वर्ष के अंत तक स्वीकार कर लिया जाए, ताकि अगले वर्ष से विश्व योग दिवस मनाया जा सके।
50 देशों ने किया प्रस्ताव का समर्थन
संयुक्त राष्ट्र में मसौदे का समर्थन करने वाले देशों में एशिया से चीन, जापान, इंडोनेशिया और दक्षिण कोरिया हैं, जबकि अफ्रीका से दक्षिण अफ्रीका और नाइजीरिया शामिल हैं।
भारत के पड़ोसी मुल्कों बंग्लादेश, भूटान, नेपाल और श्रीलंका ने भी प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किया है। लैटिन अमेरिकी देशों में ब्राजील और अर्जेंटाइना ने भी समर्थन का वादा किया है।
अमेरिका और कनाडा के समर्थन के बाद ये उम्मीद की जा रही है कि यूरोपीय यूनियन के सदस्य देश भी संयुक्त राष्ट्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव का समर्थन करेंगे।
मोदी ने 26 सितंबर को दिया था भाषण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव के समर्थन में इरान और क्यूबा जैसे मुल्कों के आने के बाद ऐसा लग रहा है कि इसे व्यापक स्वीकृति मिल चुकी है।
मोदी ने 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र के संयुक्त अधिवेशन में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव दिया था, जिसके बाद से ही भारतीय मिशन ने सभी मुल्कों से समर्थन मांगना शुरू कर दिया था। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की सीधी देखरेख में ये सारी गतिविधियां चल रही थीं।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योग में विशेष रुचि रही है। किसी राष्ट्राध्यक्ष से मुलाकात में वे योग का जिक्र करना नहीं भूलते। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलाकात में भी उन्होंने योग का जिक्र किया था।
योग में है मोदी की विशेष रुचि
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग पर लिखी किताब भी भेँट की थी। अमेरिका यात्रा के दौरान मोदी ने नवरात्र का व्रत रख रहे थे। ओबामा द्वारा दिए गए डिनर में उन्होंने केवल गर्म पानी पिया था।
उस समय उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति को योग का महत्व भी समझाया था। उन्होंन नवरात्र में बिना कुछ खाएपिए रह पाने का रहस्य योग को ही बताया था। ओबामा ने उस समय मोदी को ऊर्जावान और उत्साह से भरपूर बताया था।
मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री टोनी एबॉट को भी योग पर लिखी किताब भेंट की थी।