उत्तरप्रदेश में दिमागी बुखार का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा। इंसेफेलाइटिस ने पांच और लोगों की जान ले ली। मेडिकल कालेज में इलाज के दौरान शनिवार को चार बच्चों समेत पांच की मौत हो गई। इनमें तीन गोरखपुर के हैं।
मेडिकल कालेज प्रतिनिधि के अनुसार गोरखपुर के रामजीत (60), आदित्य (4), अंशिता (2), कुशीनगर की प्रति (4) और देवरिया की ज्योति (1) की शनिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके अलावा इस बीमारी से पीड़ित गोरखपुर के 6, देवरिया के 6, संतकबीरनगर के 3, कुशीनगर के 3, मऊ और सिद्धार्थनगर के 1-1 बच्चे बीआरडी में भर्ती कराए गए हैं। इस साल अब तक इंसेफेलाइटिस के 2034 मरीज भर्ती कराए गए हैं, जिनमें 390 की मौत हो चुकी है। इस बीमारी से पीड़ित 275 बच्चों का बीआरडी में इलाज चल रहा है।
ऐसे बचें दिमागी बुखार से
साफ-सफाई रखें। सुअरों को ऐसी जगह पर रखें, जहां दूर-दूर तक मच्छर ना पनप पाएं।
दिमागी बुखार पीडि़त व्यक्ति से दूरी बनाए रखें तो अच्छा है।
पहले से ही हिमोफिलीस इन्फ्लूएंजा टाइप बी (एचआईबी) वैक्सीन लगवा लें जिससे आपका इम्युन सिस्टम इस वायरस से लड़ सकें।
जंकफूड ना खाएं और पौष्टिक खाने को प्राथमिकता दें खासकर विटामिन युक्ति खाघ पदार्थों को।
अगर आपको फ्लू हो या फिर हल्का बुखार भी हो तो इसे हल्के में ना लें बल्कि बिना देर किए अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
बदलते मौसम खासकर सर्दियों में अपने इम्युन सिस्टम को मजबूत बनाएं। इसके लिए आप नियमित रूप से व्यायाम करें।
यदि आपके क्षेत्र में दिमागी बुखार फैला हुआ है तो मास्क का प्रयोग करने में ना शरमाएं।
कानों की कोई समस्या है तो तुरंत इलाज करवाएं। कानों में दर्द या कोई समस्या से भी आप दिमागी बुखार के वायरस की चपेट में आ सकते हैं।
सामान्य से ज्यादा एल्कोहल का सेवन ना करें, इससे आपमें दिमागी बुखार होने की आशंका सामान्य से दुगुनी बढ़ जाती है।
दिमागी बुखार से बचने के लिए वैक्सीन लें ही साथ ही परिजनों को भी वैक्सीन दिलवाएं और डॉक्टर से वैक्सीन के बारे में सभी जानकारी लें।
धूम्रपान करने और इसके धुएं से बचें।