यमुना नदी में मंगलवार की रात में जलस्तर अचानक से बढ़ जाने से कोताना और खेड़ी गांव में पालेज लगा रहे 12 किसान नदी के बीच में बुरी तरह से फंस गए। इनमें से सात को तो गोताखोरों ने निकाल लिया, लेकिन बाकी पांच की जान बचाने के लिए एयरफोर्स के हिंडन बेस की मदद लेनी पड़ी।
जिला प्रशासन की सूचना पर पहुंचे एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर बचाव दल (रेस्क्यू टीम ) ने बुधवार सुबह पांचों को सकुशल बाहर निकाला। कोताना गांव निवासी 12 किसान मंगलवार की शाम को पालेज लगाने के लिए नाव से यमुना के बीच में गए थे। पानी कम था, वहीं पर पालेज लगा रहे थे।
हथनी कुंड बेराज से छोड़ा गया पानी कोताना गांव पहुंचा तो इन्हें चिंता हुई। उन्होंने निकलने का प्रयास किया, लेकिन जलस्तर तेजी से बढ़ गया। रात के 12 बजे इन्होंने शोर मचाया और मोबाइल फोन से गांव में सूचना दी। गांव से सैकड़ों लोग नदी किनारे पहुंचे। गोताखोर भी बुलाए।
सात किसानों की जान गोताखोरों ने बचाई
सात किसान एक जगह थे और पांच दूसरी जगह। दोनों जगह टीलानुमा रेत का ढेर था, जबकि चारों ओर पानी ही पानी। कोताना के रणवीर और कंवर पाल गोताखोर अपने साथियों समेत टायर-ट्यूब लेकर नदी में कूद गए।
उन्होंने बुधवार तड़के तक इरशाद, सरिया, भुल्लन, ज्ञानचंद, ओमी समेत सात किसानों को सकुशल निकाला, लेकिन डोली पुत्र मूलचंद, बन्नु पुत्र जग्गू, मनोज पुत्र जग्गू, रमेश पुत्र जग्गू, सतवान पुत्र चेतराम प्रजापति को निकाल नहीं पाए। इसकी सूचना पर एसडीएम यशवर्धन श्रीवास्तव गांव पहुंचे।
उन्होंने डीएम धनलक्ष्मी के. को बताया। उन्होंने सुबह नौ बजे हिंडन एयर बेस के अफसरों से बात की। वहां से एयरफोर्स के ग्रुप कैप्टर पिंटो अपनी रेस्क्यू टीम के साथ थोड़ी ही देर में पहुंच गए। दस बजकर दस मिनट तक पांचों किसानों को हेलीकॉप्टर की मदद से निकाल लिया गया।