दिल्ली में स्वाइन फ्लू एच1एन1 तेजी से पैर पसार रहा है। दिल्ली में स्वाइन फ्लू के पांच मरीजों की मौत हो चुकी है। सरकारी और निजी अस्पतालों में 60 मरीजों में स्वाइन फ्लू का वायरस पाया गया है, जबकि सौ से अधिक मरीजों को संदेह के आधार पर अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। स्वाइन फ्लू को लेकर दिल्ली सरकार भी हरकत में आ गई है। गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर अशोक कुमार वालिया ने स्वास्थ्य विभाग और 22 अस्पतालों के अधिकारियों के साथ तैयारियों पर बैठक की।
राम मनोहर लोहिया अस्पताल में जनवरी से अब तक 12 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। एक पखवाड़े में अस्पताल में स्वाइन फ्लू से चार मरीजों की मौत हो चुकी है। इनमें दो महिला और दो पुरुष शामिल हैं। इनमें दो दिल्ली, एक हरियाणा और एक गाजियाबाद का मरीज था। एक एचआईवी पॉजिटिव भी था।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर एचआर कार ने बताया कि इस समय अस्पताल में स्वाइन फ्लू के दो मरीज भर्ती हैं। एक स्वाइन फ्लू के बने आईसीयू में है और उसे जीवन रक्षक उपकरण के सहारे रखा गया है। उसकी हालत बेहद नाजुक है। एक मरीज खतरे से बाहर है और उसे आइसोलेटेड वार्ड में भर्ती कराया गया है। यह बीमारी मधुमेह या एचआईवी पीड़ित को जल्दी होती है।
नौ जनवरी को अस्पताल में अलग-अलग राज्यों से नौ मरीजों को भर्ती कराया गया था। हरियाणा के बहादुरगढ़, हिसार और गाजियाबाद जिले से मरीजों को भर्ती कराया गया। लोक नायक अस्पताल में भी स्वाइन फ्लू का एक मरीज भर्ती है। सर गंगा राम अस्पताल में अभी तक स्वाइन फ्लू के कुल 39 संदेहास्पद मरीज आए जिसमें से 13 पॉजिटिव पाए गए। एक महिला मरीज की मौत स्वाइन फ्लू से हो गई।
दिल्ली सरकार ने 17 सरकारी और पांच निजी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू से निपटने की तैयारी की गई है। इनमें नोडल ऑफिसर नियुक्त करने के अलावा जरूरत पड़ने पर आईसीयू की व्यवस्था भी रखी गई है। इसके अलावा 3 सरकारी समेत आठ लैब में स्वाइन फ्लू लक्षण वाले मरीजों की नमूनों की जांच की जा रही है।