पृथक राज्य तेलंगाना निर्माण पर कांग्रेस की उदासीनता को देखते हुए आंध्र प्रदेश में कांग्रेस के चार नेताओं ने बृहस्पतिवार को तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) में शामिल होने का निर्णय लिया।
राज्य के तेलंगाना क्षेत्र के वरिष्ठ नेता के केशव राव तथा पार्टी सांसद जी विवेकानंदा, मांडा जगन्नाथम और पूर्व मंत्री जी विनोद 2 जून को टीआरएस में विधिवत शामिल होंगे। चारों नेताओं ने कांग्रेस पर तेलंगाना निर्माण के अपने वादे से विफल रहने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस ने हालांकि इसी मसले पर पार्टी छोड़ने को आतुर दो अन्य सांसदों को टीआरएस में जाने से रोक लिया है। टीआरएस पृथक तेलंगाना निर्माण के लिए आंदोलन चला रही है।
टीआरएस विधायक केटी रामाराव ने कहा कि इन नेताओं को अब तेलंगाना निर्माण के लिए कांग्रेस से कोई उम्मीद नहीं है। इसलिए ही उन्होंने टीआरएस का दामन थामा है।
उल्लेखनीय है कि चारों तेलंगाना निर्माण के लिए कांग्रेस के भीतर से काफी कोशिश कर रहे थे। इधर मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी ने कहा कि लोकतंत्र में कोई भी किसी पार्टी में जा सकता है।
जनता के दबाव के बाद केंद्र तेलंगाना मसले पर कोई उचित निर्णय लेने की कोशिश कर रहा है। यह मसला काफी संवेदनशील है। सो इस पर किसी तरह की समय सीमा तय नहीं की जा सकती।
तेलंगाना क्षेत्र से कांग्रेस के बारह सांसद हैं, जिनमें से तीन केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हैं। यहां के सात कांग्रेसी सांसद तेलंगाना निर्माण के लिए संसद में धरना भी दे चके हैं।