प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बृहस्पतिवार को राज्यसभा के लिए निर्वाचित घोषित किए गए।
वे असम से लगातार पांचवीं बार संसद की ऊपरी सदन के लिए निर्वाचित हुए हैं।
असम से राज्यसभा की दूसरी सीट भी कांग्रेस की झोली में गई है।
रिटर्निंग ऑफिसर जीपी दास ने बताया कि प्रधानमंत्री को 49 फीसदी वोट मिले, जबकि कांग्रेस के दूसरे उम्मीदवार ने 45 फीसदी मत हासिल किए।
उन्होंने बताया कि आल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के उम्मीदवार अमिनुल इस्लाम को मात्र 18 वोट मिले।
एआईयूडीएफ केंद्र की यूपीए सरकार में शामिल है। उसके सभी 18 विधायकों ने दूसरे वरीयता के वोट पीएम के पक्ष में दिए थे।
कांग्रेस के सभी 78 और उसकी सहयोगी पार्टी बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के 12 विधायकों के मत वैध पाए गए। इस जीत के साथ ही असम से राज्यसभा के सात में से पांच सदस्य कांग्रेस के हो गए हैं।
पहली बार 1991 में पहुंचे थे राज्यसभा
प्रधानमंत्री पहली बार असम से ही 1991 में चुन कर राज्यसभा पहुंचे थे। उसके बाद 1995, 2001, 2007 में असम से ही राज्य सभा के लिए चुने जाते रहे।
1998-2004 में अटल बिहारी सरकार के दौरान मनमोहन राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं। मनमोहन संसद में हमेशा राज्यसभा से ही पहुंचते रहे।
हार गए थे लोकसभा चुनाव
1999 में मनमोहन सिंह ने दक्षिण दिल्ली से लोकसभा चुनाव भी लड़ा था, लेकिन वे भाजपा उम्मीदवार विजय कुमार मल्होत्रा से हार गए थे।