पहले बरसात और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। लगातार भीगने के कारण गेहूं खराब हो गया। जो दाने खेत में बिखरे रहे गए वह जहरीले हो गए और खेतों में चरने वाले मवेशियों के लिए खतरा बन गए है।
शुक्रवार शाम तक गांव मुड़सेरस में खेतों में बिखरे पड़े गेहूं के दानों को खाकर तीन सौ भेड़ मर गई। करीब 200 की हालत खराब है। राजस्थान के जिला पाली की तहसील रोहेट से मौडाराम, ऊधौजी, गहवरराम, सूजाराम, घीसाराम, अल्लराम, हीराराम, पोकरजी, भुंडाराम आदि किसान अपने परिवार के साथ करीब 2500 भेड़ों के काफिले के साथ मुड़सेरस आए हैं। पाली में चारे-पानी की कमी के चलते इन्होंने इधर का रुख किया।