एनआईसी सॉफ्टवेयर से जुडे़ वर्षों पुराने करीब तीस हजार पासपोर्ट आवेदकों को अब फिंगर प्रिंट देने होंगे। आवेदनों की जांच के बाद नवंबर के पहले सप्ताह से पासपोर्ट कार्यालय ऐसे आवेदकों को लेटर भेजकर सूचना देगा। इसके बाद 90 दिन के अंदर ही आवेदकों को टीएचए स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र पहुंचकर अपने फिंगर प्रिंट देने होंगे।
नवंबर से एनआईसी साफ्टवेयर पर पासपोर्ट की प्रिंटिंग पूरी तरह से बंद कर दी जाएगी। इसके बाद टोटल पासपोर्ट प्रिंटिंग टाटा कंसलटेंसी के साफ्टवेयर पर ही प्रिंट किए जाएंगे। इस व्यवस्था के चलते पश्चिमी यूपी के 13 जिलों (सहारनपुर, मुजरफ्फरनगर, शामली, मेरठ, बागपत, हापुड़, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, आगरा, और मथुरा) के करीब 30 हजार ऐसे आवेदक प्रभावित होंगे, जिन्होंने पासपोर्ट के लिए आवेदन तो किया था, मगर उनका आवेदन किसी आपत्ति के चलते पेंडिंग पड़ा है।
पासपोर्ट अधिकारी आरएन राय ने बताया कि नवंबर से विभाग की ओर से पेंडिंग आवेदकों को उनके पते पर लेटर भेजकर सूचना दी जाएगी। विदेश मंत्रालय के आदेश पर लेटर का प्रारूप तैयार कर लिया गया है। लेटर मिलने के बाद आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन करके रजिस्ट्रेशन नंबर हासिल करना होगा। इसके बाद अपने दस्तावेज के साथ पासपोर्ट सेवा केंद्र की दौड़ लगानी होगी।
उन्होंने बताया कि ऐसे आवेदकों को पीएसके जाने के लिए अप्वाइंटमेंट लेने की आवश्यकता नहीं होगी। लेटर मिलने से 90 दिन के अंदर वह किसी भी कार्यदिवस पर पीएसके पहुंचकर फिंगर प्रिंट और आवश्यक दस्तावेज जमा करा सकते हैं। इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। लेटर मिलने के बाद 90 दिन के अंदर अगर आवेदक पीएसके में फिंगर प्रिंट नहीं देता है तो उसका आवेदन रद्द कर दिया जाएगा।