टूजी स्पैक्ट्रम मामले पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) किसी भी मंत्री को गवाही के लिए नहीं बुलाएगी। इसके अलावा जेपीसी ने गवाही दर्ज करने की प्रक्रिया 12 फरवरी तक खतम करने की योजना का एलान भी कर दिया। मंगलवार को जेपीसी अध्यक्ष पी सी चाको ने जानकारी दी कि इस मामले की रिपोर्ट जल्द ही तैयार कर ली जाएगी। यह रिपोर्ट आने वाले बजट सत्र में पेश कर दी जाएगी।
चाको ने कहा कि इस रिपोर्ट को मार्च के आखिर में सदन में पेश किया जाएगा ताकि सत्र के दूसरे चरण यानी कि अप्रैल-मई में इस पर बहस हो सके। ऐसा माना जा रहा है कि विपक्षी भाजपा इसे मुद्दा बना कर हंगामा जरूर करेगी। गौरतलब है कि भाजपा ने जेपीसी पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्त मंत्री पी चिदंबरम को गवाही के लिए बुलाने को लेकर काफी दबाव डाला। इस मांग पर उन्होंने जेपीसी का बहिष्कार भी किया।
चाको ने जानकारी दी कि 12 फरवरी को सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा जेपीसी को इस घोटाले की चल रही जांच की जानकारी देंगे। मंगलवार को एटार्नी जनरल जी ई वाहनवती ने अपनी गवाही में कहा कि टूजी स्पेक्ट्रम आवंटन में पहले आओ पहले पाओ के नियमों को तत्कालीन सूचना तकनीक मंत्री ए राजा ने तोड़ा मरोड़ा और इस बारे में उनसे कोई सलाह नहीं ली गई थी।
घोटाले के दौरान वाहनवती सालिसिटर जनरल थे। वाहनवती ने जेपीसी को यह भी कहा कि पहले आओ पहले पाओ का सरकार का फैसला किसी लिहाज से गैरकानूनी नहीं था। उन्होंने यह भी बताया कि तत्कालीन मंत्री ए, राजा ने 2008 में टू जी से जुड़े प्रेस नोट में अंतिम समय में बदलाव किए थे। ये बदलाव अलग कलम से किए गए थे।