डीएमके प्रमुख एम. करुणानिधि ने शनिवार को कहा कि टूजी मामले में सभी कानूनी विकल्प तलाशे जाएंगे, क्योंकि उनकी पत्नी की पेश के मामले में कोर्ट के निर्देश अंतिम नहीं हैं।
गौरतलब है कि टूजी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में करुणानिधि की पत्नी ने गवाह के रूप में निजी तौर पर पेश होने से छूट की अपील की है।
करुणानिधि ने कहा कि उनकी पत्नी दयालु अम्माल की तबीयत ठीक नहीं है और ऐसी हालत में वह हवाई सफर करने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी के सभी मेडिकल सर्टिफिकेट कोर्ट में पेश कर दिए गए हैं।
साथ ही निजी पेशी से छूट के लिए दायर अर्जी में कहा गया है कि दयालु अम्माल की केंद्र सरकार द्वारा संचालित किसी अस्पताल के डॉक्टरों की टीम से चेकअप कराई जा सकती है।
सीबीआई ने इसे स्वीकार कर लिया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि जज ने उन्हें निजी तौर पर पेश होने के लिए क्यों कहा है।
डीएमके प्रमुख ने कहा कि चूंकि कोर्ट का यह फैसला अंतिम नहीं है। इसलिए अधिवक्ताओं से विचार-विमर्श के बाद इस मामले में आगे की रणनीति तय की जाएगी।