केंद्रीय मानव संसधान राज्य मंत्री शशि थरूर ने मुंबई में मंगलवार को कहा कि जब मैं उत्तराखंड जैसी खौफनाक घटना देखता हूं तब मुझे यही समझ आता है कि हमारी सबसे बड़ी समस्या है कि हम कफन खरीदने के उस्ताद हैं ना कि एहतियात बरतने के।
तैयारियों से आपदा बचाई जा सकती हैं
थरूर ने कहा कि हम तैयारियों को सशक्त बनाकर ऐसे कई घटनाओं को रोक सकते हैं लेकिन हम वह वो सब मेहनत ऐसी दुर्घटनाओं के बाद करते हैं। इसका सबसे अच्छा उदाहरण हाल ही में उड़ीसा में आए तूफान फायलिन के दौरान देखने को मिला, जब हमारी तैयारियों ने हजारों जानें बचाई।
थरूर ने यह बातें उस सवाल पर की, जब उनसे 26/11 के मुंबई हमलों की सुरक्षा तैयारियों को लेकर पूछा गया था। उन्होंने बताया कि उन्हें यह जानकर आश्चर्य हुआ कि आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने राज्य सरकार से आपदा प्रबंधन को लेकर कुछ उपाय करने को कहा था, जो अब तक नहीं हो पाया है।
हालांकि पुलिस कमिश्नर ने कहा कि शहर अब पूरी तरीके से सुरक्षित है और पुलिस किसी भी घटना से निपटने के लिए पूरी तरीके से तैयार है। जो भी दिक्कतें हैं, वह बहुत ही मामूली हैं।
26/11 की पांचवीं बरसी पर थरूर अपनी पत्नी सुनंदा के साथ पूरे दिन मुंबई में ही थे। सुबह वे शहीदों की याद में मेमोरियल गए और उसके बाद छात्रों को संबोधित किया।