मथुरा के करीब 25 हजार किसानों ने 15 अगस्त के दिन सामुहिक रुप से आत्महत्या करने के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से अनुमति मांगी है। 17 साल बित जाने के बाद भी सरकार की तरफ से कोई मुआवजा नहीं मिलने की वजह से किसानों ने यह फैसला किया है।
गोकुल बैराज के निर्माण के बाद उसके परीक्षण के लिए किसानों के अनुमति के बिना बैराज के दरवाजे बंद कर दिए गए थे जिससे किसानों की करीब 700 एकड़ जमीन पानी में डुब गया था। इसकी वजह से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था।
इस नुकसान के बाद 11 गांवों के किसान 1998 से ही मुआवजे की मांग कर रहे हैं जिन्हें अबतक किसी तरह की मदद नहीं मिली है।