कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर ने 29 साल पुराने सिख विरोधी दंगा मामले में उनके खिलाफ जांच फिर से खोलने संबंधी निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
इस घटना में तीन लोग मारे गए थे। याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई की संभावना है।
निचली अदालत ने हाल ही में टाइटलर को सीबीआई द्वारा क्लीन चिट प्रदान करने के निर्णय को खारिज कर नए सिरे से जांच करने का आदेश दिया था।
टाइटलर ने दायर याचिका में कहा कि ट्रायल कोर्ट का आदेश दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के प्रावधानों के विपरीत है।
जांच एजेंसी की जांच पद्धति व तरीका पूरी तरह से एजेंसी का विशेषाधिकार होता है। अदालत एजेंसी को यह निर्देश नहीं दे सकती कि किस गवाह से जिरह की जाए।
टाइटलर ने तर्क रखा कि कानून का स्पष्ट प्रावधान है कि जांच का निर्देश तभी दिया जा सकता है जब प्रथमदृष्टया किसी अपराध का होना पाया जाता है अथवा किसी व्यक्ति की संलिप्तता प्रथमदृष्टया स्थापित हो जाती है।
उन्होंने कहा किसी व्यक्ति ने अपराध किया है या नहीं इस बात की जांच का निर्देश कानूनी तौर पर नहीं दिया जा सकता। अत: ट्रायल कोर्ट के आदेश को खारिज किया जाए।
टाइटलर ने याचिका में निचली अदालत के उस आदेश को भी चुनौती दी है, जिसमें सीबीआई को यह भी निर्देश गया था कि वह प्रत्यक्षदर्शियों और उन लोगों से पूछताछ करे, जिन्होंने दंगों के बारे में सूचनाएं होने का दावा किया है।